प्रहरी संवाददाता/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। झारखण्ड के पश्चिम सिंहभूम जिला के हद में गुवा वन क्षेत्र के रेंजर परमानन्द रजक एवं ससंगदा प्रक्षेत्र, किरीबुरू वन क्षेत्र पदाधिकारी शंकर भगत के प्रयास से गुवा की एक टीम हाथियों की भूमि थाईलैंड पहुंचकर महत्वपूर्ण जानकारी हासिल करने में लगा है। टीम कोलकत्ता से मलेशिया होते हुए थाईलैड पहुँचा है।
वन पर्यावरण, वन प्राणियों एवं पेड़ों की रक्षा से प्रेरित प्रशिक्षण ले रहे उक्त समूह की अगुआई डीएवी पब्लिक स्कूल गुवा के पूर्व छात्र सह अभियंता सूरज पांडेय एवं सिद्धार्थ पांडेय के साथ डीएवी स्वांग बोकारो के पूर्व छात्र सह अभियन्ता योगेश कुमार कर रहे थे।
जानकारी के अनुसार टीम को थाईलैंड में वनो की रक्षा के साथ जानवरो की रक्षा की जानकारी दी गई। बताया गया कि थाईलैंड सफेद हाथियों का देश है। यहां गौतम बुद्ध के जन्म की कहानी ने हाथियों को एक विशेष दर्जा प्रदान किया है।
बताया गया कि उनके जन्म की पूर्व संध्या पर बुद्ध की माँ ने एक सपना देखा था जहाँ एक सफेद हाथी उनके पास आया और उन्हें एक कमल का फूल दिया। तब से थाई रहिवासियों द्वारा सफेद हाथियों को पवित्र माना जाता है।
सच्चाई यह है कि पृथ्वी पर भूरे हाथियों के अलावा सफेद हाथी भी रहते हैं। यह विश्व में सिर्फ थाईलैंड में पाए जाते हैं।
मौके पर उपरोक्त के अलावा टीम में मनोज कुमार, प्रतीक, शुभांगी, योशो, एस के पांडेय व अन्य कई शामिल थे।
134 total views, 1 views today