ललित नारायण मिश्र, रामविलास पासवान, कर्पूरी ठाकुर के सम्मिलित प्रयास से बनी थी योजना
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। रेल से वंचित बड़े और समतल भूभाग में रेल चलाकर करोड़ों लोगों के सपने को पूरा करने के लिए स्व. कर्पूरी ठाकुर के पहल पर तत्कालीन रेलमंत्री स्व. ललित नारायण मिश्र द्वारा लोकसभा में प्रस्ताव लाने, आदि।
स्व रामविलास पासवान द्वारा सर्वे कराने के बाद बनने के करीब पहुंचकर कर्पूरीग्राम- ताजपुर- भगवानपुर रेल लाईन योजना मोदी सरकार (Modi government) द्वारा अधिक खर्च का बहाना बनाकर रद्द किये जाने की जानकारी मिलने पर भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने इसे क्षेत्र के करोड़ों जनता के साथ छलावा बताया है।
माले नेता सिंह नेता 16 मार्च को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर बताया कि उत्तर में पटोरी, दक्षिण में कर्पूरीग्राम, पूरव में समस्तीपुर (Samastipur) एवं पश्चिम में भगवानपुर क्षेत्र के बड़े एवं समतल भूभाग को रेल से वंचित देखकर जनता की मांग पर बिहार के भूतपूर्व मुख्यमंत्री (Chief minister) स्व कर्पूरी ठाकुर के पहल पर तात्कालीन रेल मंत्री स्व ललित नारायण मिश्र द्वारा लोकसभा में प्रस्ताव लाया गया था।
इसके बाद फिर सर्वेक्षण किया गया। योजना ठंडे बस्ते में पड़ जाने पर जब भूतपूर्व केंद्रीय मंत्री स्व रामविलास पासवान रेल मंत्री बने तो जनता की मांग पर पुनः सर्वेक्षण कराकर योजना को लागू करने की घोषणा की गई। लोकसभा चुनाव के दौरान भी भाजपा के कई उम्मीदवार योजना के नाम पर लोगों से वोट मांगा।
क्षेत्रवासी के संघर्ष के कारण मोदी सरकार में रेल मंत्रालय ने पुनः सर्वेक्षण कराया, लेकिन मिली जानकारी के अनुसार योजना को लागू करने के बजाय अधिक खर्च का बहाना बनाकर योजना को रद्द कर दिया गया है। इससे क्षेत्र के करोड़ों लोगों को निराशा हाथ लगी है। वे सरकार के इस मनमानीपन पर आक्रोशित भी हैं।
भाकपा माले जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने योजना को रद्द किये जाने पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा है कि चुनाव में विकास की बात करने वाली मोदी सरकार इस योजना को भी जुमला साबित कर दिया है।
उन्होंने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि समस्तीपुर की समाजवादी धरती विकास के नाम पर उजियारपुर से नित्यानंद राय एवं समस्तीपुर से प्रिंस पासवान को सांसद बनाकर लोकसभा भेजी थी। दुर्भाग्य है कि पहले से भी प्रस्तावित एवं सर्वेक्षित योजना मोदी सरकार रद्द कर रही है और सांसद द्वय के मुंह पर ताला लगा है। माले नेता ने इस पर स्व. कर्पूरी ठाकुर के बेटे एवं राज्य सभा सांसद के चुप्पी पर भी आश्चर्य व्यक्त किया है।
माले नेता ने जिले के तमाम सांसद, विधायक एवं जनप्रतिनिधि समेत सामाजिक, राजनीतिक दलों से इस मुद्दे को उठाने की मांग की है। सुरेंद्र ने आसन्न लोकसभा चुनाव में चुप्पी नहीं तोड़ने वाले सांसद को चुनाव में विरोध करने की जनता से अपील की है।
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