रेल पुलिस व् आरपीएफ की संयुक्त छापेमारी में अंतरप्रांतीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार

विभिन्न राज्यों के युवाओं से रेलवे में नौकरी के नाम पर सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। संगठित गिरोह द्वारा बिहार सहित देश के विभिन्न राज्यों के शिक्षित बेरोजगार युवाओं से रेलवे में नौकरी लगाने के नाम पर सौ करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर ली गयी।

गिरोह ने उक्त राशि को गुजरात की एक साफ्टवेयर कंपनी के माध्यम से अपने-अपने खाते में ट्रांसफर कराया। फिर इसी ठगी की राशि से गिरोह द्वारा युवकों को फर्जी नियुक्ति पत्र दिया गया। ठगी गयी राशि में से ही उन्हें कुछ महीने तक वेतन भुगतान भी किया जाता रहा।

सारण जिला के हद में मध्य पूर्व रेल मंडल के रेल मंडल सोनपुर के रेल डीएसपी शाहकार खां ने बीते 23 मार्च की शाम रेल थाना सोनपुर में आयोजित प्रेस वार्ता में उपरोक्त जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह ठगी रेलवे सुरक्षा बल, बुकिंग क्लर्क, ट्रैक मैन एवं टीटीई की नौकरी लगाने के नाम पर की गयी है।

अब मुजफ्फरपुर रेल एसपी के निर्देश पर एसआइटी का गठन किया गया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में जीआरपी थाना में नौकरी के नाम पर फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया गया था, जिसके अनुसंधान के क्रम में कुछ अहम सुराग मिले। इसी सुराग के आधार पर गोरखपुर में छापेमारी की गयी, जिसमें अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्य गिरफ्तार किए गये। गिरफ्तार अभियुक्तों में एक की पहचान उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिला के हद में शाहपुर थाने का शुभम कुमार निषाद के रुप में हुई है, जबकि दूसरा उत्तर प्रदेश के कुशीनगर जिला के हद में कप्तानगंज का पवन कुमार श्रीवास्तव बताया जा रहा है।

रेल डीएसपी ने बताया कि पिछले वर्ष सोनपुर स्टेशन पर सामान्य जांच अभियान के दौरान टीटीई ने तीन युवकों को बिना टिकट यात्रा करते पकड़ा था। पूछताछ के दौरान युवको द्वारा बताया गया था कि वे अवतारनगर में बुकिंग क्लर्क हैं। जब उनका आइ कार्ड देखा गया, तब फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया। इसके बाद आरपीएफ की क्राइम ब्रांच तथा जीआरपी की जांच-पड़ताल में यह बात सामने आई कि वे तीनों ठगी के शिकार हुए थे। उन युवकों ने पूछताछ में झांसे में आने की पूरी कहानी बताई। इसके बाद गिरोह के प्रमुख सदस्य पश्चिम चंपारण के दीपक कुमार तिवारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

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