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सांगठनिक उत्कृष्टता हेतु इंडस्ट्री-4.0 विषय पर द्विदिवसीय संगोष्ठी संपन्न

सेल कर्मचारी दक्षता वृद्धि हेतु आधुनिक प्रबंधन तकनीक अपनाएँ-आर के गोप

सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। पश्चिमी सिंहभूम के हद में सेल गुवा मुख्य महप्रबंधक विपीन कुमार गिरी के निर्देश पर राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) क्षेत्रीय निदेशालय जमशेदपुर के तत्वावधान में इंडस्ट्री-4.0 विषय पर द्विदिवसीय संगोष्ठी का समापन किया गया।

संगोष्ठी के मुख्य वक्ता तथा बोर्ड के वरिष्ठ शिक्षा पदाधिकारी आर के गोप ने कहा कि गुवा माइन्स(सेल) को चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कर्मियों में दक्षता वृद्धि एवं आधुनिक प्रबंधन तकनीक को अपनाना नितान्त जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान, विज्ञान तथा नवीनतम टेक्नोलॉजी पर आधारित है।

ज्ञानवान श्रम शक्ति किसी भी उद्योग के महत्वपूर्ण धरोहर होते हैं। जिनके बल पर ही उद्योगों में उत्पादकता, गुणवत्ता तथा उत्पादन लागत में कमी लाई जा सकती है।

गोप ने सेल कर्मियों को केंद्र सरकार की औद्योगिक एवं आर्थिक नीतियाँ,जापानी संस्कृति कैज़न, टीटीएम (टोटल क्वालिटी मैनेजमेंट), चेन्ज मैनेजमेंट, फाइव एस तथा वैल्यू इंजीनियरिंग के बारे में पावर पोइंट प्रेजेंटेशन एवं विडियो फिल्मों के माध्यम से बताया एवं खदान के कर्मचारियों को इसे कार्य स्थल पर लागू करने का सुझाव दिया, ताकि गुवा माइन्स के उत्पादन लागत में कमी लाकर इसे लाभदायक एवं प्रगतिशील बनाया जा सके।

संगोष्ठी का समापन आर के सिन्हा महाप्रबंधक(मेकेनिकल) ने किया। उन्होंने कर्मियों से संगोष्ठी का सकारात्मक प्रभाव जानकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त किया तथा गोप के प्रति गुवा प्रबन्धन की ओर से आभार व्यक्त किया।

अपने सम्बोधन में सिन्हा ने कहा कि उद्योगों में हो रहे नवीनतम परिवर्त्तन को समझने के लिए इस तरह का सेमिनार जरूरी है। इस दिशा में बोर्ड के कार्यक्रम भविष्य में गुवा माइन्स के लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।

इस अवसर पर एस पांडा महाप्रबंधक(कार्मिक एवं प्रशासन), एनके झा उप महाप्रबंधक(का. एवं प्रशा.) ने भी अपने विचार व्यक्त किए तथा कर्मचारियों का सकारात्मक प्रभाव जानकर प्रसन्नता व्यक्त किया।

सेमिनार के समापन सत्र में अतिथियों को धन्यवाद ज्ञापन मिलन नन्दी उप महाप्रबंधक(मानव संसाधन विकास विभाग) ने किया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में वाहिद अहमद का सराहनीय योगदान रहा।

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