सेल कर्मचारी दक्षता वृद्धि हेतु मल्टीस्किलिंग तकनीक को अपनाएँ-आर के गोप
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड (श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार) क्षेत्रीय निदेशालय जमशेदपुर के तत्वावधान में गुवा लौह अयस्क खदान (सेल) के मानव संसाधन विकास केन्द्र में “सांगठनिक उत्कृष्टता हेतु इंडस्ट्री-4.0 “विषय पर द्विदिवसीय संगोष्ठी का सफलतापूर्वक समापन बीते 18 अक्टूबर को किया गया।
कार्यक्रम के समापन के अवसर पर संगोष्ठी के मुख्य वक्ता तथा बोर्ड के वरिष्ठ शिक्षा पदाधिकारी राज किशोर गोप ने कहा कि गुवा माइंस को चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए कर्मियों में दक्षता एवं मल्टी स्किलिंग तकनीक को अपनाना समय की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि आज का युग ज्ञान, विज्ञान तथा नवीनतम टेक्नोलॉजी पर आधारित है। ज्ञानवान श्रम शक्ति किसी भी उद्योग के महत्वपूर्ण धरोहर होते हैं, जिनके बल पर ही उद्योगों में उत्पादकता, गुणवत्ता तथा उत्पादन लागत में कमी लाई जा सकती है।
गोप ने सेल कर्मियों को केन्द्र सरकार की औद्योगिक तथा आर्थिक नीतियाँ,10 कॉरपोरेट सी, जापानी संस्कृति कैज़न, टीपीएम, कार्य स्थल पर बर्वादी को रोकने के उपाय, उत्पादकता वृद्धि में कंपनी में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग के तरीके तथा 5 एस के बारे में पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन वीडियो फिल्मों के माध्यम से बताया।
उन्होंने सेल कर्मचारियों को इसे कार्य स्थल पर लागू करने का सुझाव दिया। साथ ही उक्त तथ्यों के आधार पर गुवा माइंस के उत्पादन लागत में कमी लाकर इसे लाभदायक एवं प्रतिस्पर्धात्मक बनाने का दिशा निर्देश दिया।
उक्त संगोष्ठी का समापन मानव संसाधन विकास विभाग के उप महाप्रबंधक अनिल कुमार ने किया। उन्होंने कर्मियों से संगोष्ठी का सकारात्मक प्रभाव जानकर अत्यंत प्रसन्नता व्यक्त किया तथा संगोष्ठी के मुख्य वक्ता गोप के प्रति गुआ प्रबंधन की ओर से आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन में कुमार ने कहा कि उद्योगों में हो रहे परिवर्त्तन को समझने के लिए नवीनतम जानकारी जरूरी है। इस दिशा में बोर्ड के कार्यक्रम भविष्य में गुवा माइंस के लिए फायदेमंद सिद्ध हो सकता है।कार्यक्रम के सफल आयोजन में वाहिद अहमद, राज विकास प्रसाद आदि का सराहनीय योगदान रहा।
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