एन. के. सिंह/फुसरो (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में एक सितंबर को दो दिवसीय प्रांतीय संस्कृति महोत्सव का धूमधाम के साथ समापन किया गया।
समापन कार्यक्रम का शुभारंभ विद्या भारती झारखंड के प्रदेश सचिव अजय तिवारी द्वारा भारत माता, मां शारदे और ॐ के समक्ष दीप प्रज्वलन और पुष्पर्चन कर किया गया।
उनके साथ इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से धनबाद विभाग प्रमुख विवेक नयन पांडेय, हजारीबाग विभाग प्रमुख ओम प्रकाश सिंह, निरीक्षक वीरेन टुडू, रमेश कुमार, स्थानीय विद्यालय समिति सचिव अमित कुमार सिंह, अध्यक्ष राकेश कुमार शर्मा, कोषाध्यक्ष दीपक कुमार अग्रवाल, उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी, अभिभावक प्रतिनिधि रीमा सिंह, मकोली विद्यालय के अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह, प्रधानाचार्य अभिलाष गिरि, मंटू गिरि एवं संस्कृति ज्ञान के प्रांत प्रमुख जगत नंदन, सह प्रांत प्रमुख अजय कुमार मंडल मुख्य रूप से उपस्थित थे।
समारोह में अतिथियों का परिचय सह सम्मान विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा के द्वारा कराया गया। मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश सचिव ने कहा कि, इस प्रकार की प्रतियोगिता से भारत की संस्कृति एवं सभ्यता का विकास होता है।
उन्होंने कहा कि विद्या भारती हमेशा से इस प्रकार के कार्य के लिए तत्पर रही है। कहा कि हम किस प्रकार की युवा पीढ़ी का निर्माण करना चाहते हैं, जो कर्तव्य निष्ठ एवं देशभक्ति से ओत प्रोत हो। अपने देश, अपने संस्कृति के प्रति जिनके मन में सम्मान हो हम ऐसी ही पीढ़ी का निर्माण कर रहें है।
ज्ञात हो इस प्रांत स्तरीय संस्कृति महोत्सव में कुल मिलाकर 6 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया था।। जिसमें संस्कृति ज्ञान प्रश्न मंच कथा कथन, त्वरित भाषण, मूर्ति कला, लोक नृत्य, आचार्य पत्र वाचन शामिल थे। इस प्रतियोगिता में शामिल होने के लिए झारखंड प्रांत के कुल आठ विभागों से लगभग 370 भैया बहन एवं 80 संरक्षक आचार्य बंधु भगिनी ने भाग लिया। इस पूरे कार्यक्रम का क्रियान्वयन संस्कृति ज्ञान के क्षेत्रीय प्रमुख विवेक नयन पांडेय द्वारा किया गया।
जहां उन्होंने प्रतिभागी भैया बहनों को पुरस्कार देते हुए कहा कि हमारा लक्ष्य विद्या भारती के सानिध्य में भारत की संस्कृति और सभ्यता को पूरे विश्व में सबसे आगे लेकर जाना है। इसका आरंभ भैया बहनों के माध्यम से करने का प्रयास किया जाता है। क्योंकि यही भैया बहन आगे चलकर देश के भविष्य को निश्चित करेंगे।
कार्यक्रम को सफल बनाने में पूरे कार्यक्रम की प्रमुख के रूप में विद्यालय की वरिष्ठ आचार्या रंजू झा, और भगवती नोनिया का विशेष योगदान रहा। इनके अथक मेहनत और प्रयास से यह कार्यक्रम सफल रहा। इनके सहयोग में विद्यालय के वरिष्ठ आचार्य सुनील चंद्र झा, नवल किशोर सिंह, साधन चंद्र धर, राकेश कुमार सिंह, उमा शंकर, दिवाकर पांडेय, रंजीत कुमार यादव, रवि कुमार, आचार्य निभा सिंह, श्रेया बरनवाल, मिशा कुमारी, श्वेता कुमारी, अनिमा कुमारी, पूजा शर्मा तत्पर रहे।
विद्यालय के सचिव अमित कुमार सिंह ने कार्यक्रम के अंत में आए हुए अतिथियों को साधुवाद दिया। साथ हीं आगे भी अथक मेहनत और परिश्रम के साथ भारत की संस्कृति को आगे बढ़ाने में हमेशा सहयोग का आश्वाशन दिया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगीत वंदे मातरम के साथ किया गया।
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