एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद मे चास तालाब पुनरुद्धार समिति के नेतृत्व में भोलू बांध तालाब के जलकुंभी सफाई एवं जीर्णोद्वार हेतु दो दिवसीय धरना दिया गया।
जानकारी के अनुसार विगत वर्षो से सात एकड़ में फैली भोलू बांध तालाब सिकुड़ते सिकुड़ते लगभग चार एकड़ में सिमट गई हैं। वर्षो से जीर्णोधार नही होने के कारण तालाब मृत होने के कगार में हैं। चार वर्ष पूर्व जलकुंभी जब तालाब का परत को ढंक दिया स्थानीय रहिवासियों ने मिलकर तालाब की सफाई पूर्ण रूप से किया था।
एक साल के बाद जब पुनः तालाब के ऊपर जलकुंभी जमा हो गया तो चास नगर निगम ने खानापूर्ति करते हुए थोड़ी सी सफाई कर यथोचित रूप में तालाब छोड़ दिया।
बताया जाता है कि समिति के द्वारा पत्राचार करने के बाद चास नगर निगम द्वारा सफाई के न ही उचित कदम उठाया गया और न ही कोई वार्ता किया गया।
समिति संयोजक माथुर मोदक ने कहा कि होली से पहले जल कुंभी का सफाई और होली के बाद जीर्णोधार का कार्य नही किया गया तब यह सांकेतिक आंदोलन और वृहद रूप लेगा। सचिव गौड़ बाउरी ने कहा कि सिर्फ भोलू बांध तालाब ही नही पूरा चास तालाब का जीर्णोधार करना होगा।
धरना में विभिन्न स्थानीय समाजसेवी, राजनीतिज्ञ एवं बुद्धिजीवियों ने अपना अपना मत रखा। मौके पर समाज सेवी अमृत बाउरी, माथुर मोदक, मनोज राय, शंभू दास, पन्नालाल साव, बनमाली दत्ता, प्रीति रंजन, गौर बाउरी, मनोज चौरसिया, बनकेश बाउरी, झंटू डे, आदि।
आकाश प्रमाणिक, रामदास डे, रमेश बाउरी, ऐनुल अंसारी, दयाल बाउरी, राजीव भूषण सहाय, अनिल बाउरी, मोहन गोराई, सागर मोदक, मनोज भारतीय, धंजय मोदक, शिबू रजक, संतोष डे आदि उपस्थित थे।
190 total views, 2 views today