प्रहरी संवाददाता, पेटरवार (बोकारो)। सीसीएल धोरी क्षेत्र अंतर्गत बंद पड़ी अंगवाली कोलियरी में लंबे समय से चल रहे कोयले की अवैध उत्खनन को रोकने में शासन और प्रशासन नाकाम है क्यों ?
पेटरवार थाना क्षेत्र की हद में आने वाले इस कोलियरी पर कहीं कथित धंधेबाजों का कब्जा तो नहीं ? क्योंकि अवैध उत्खनन को रोकने के उद्देश्य से लाखों की लागत से सुरंगों को भरा गया, इसके बाद भी धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार सीसीएल धोरी क्षेत्र अंतर्गत बंद पड़ी अंगवाली कोलियरी में बारंबार कथित धंधेबाजों द्वारा बनाए गये खतरनाक सुरंगों को लाखों रुपए खर्च करके भर्ती कराया गया। ताकि अवैध उत्खनन को रोका जा सके।
इसके बावजूद धंधा रुकने का नाम नहीं ले रहा। बता दें कि बीते माह लगातार चलाए गये अभियान में दर्जनों सुरंगों को भरा गया था। इधर पुनः उत्खनन की बू आने पर रविवार 4 जून को धोरी महाप्रबंधक एम के अग्रवाल (General manager MK Agrawal) के निर्देशानुसार एवं क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी सीता राम उइके के नेतृत्व मे पेटरवार पुलिस ने सीआईएसएफ की अपराध शाखा एवं क्यूआरटी टीम, सीसीएल सिक्योरिटी विभाग के संयुक्त प्रयास से अंगवाली खदान क्षेत्र में बनाए गये दो बड़े बड़े अवैध सुरंगों को भरने का काम किया।
बताया जाता है कि जेसीबी मशीन से डोज़रिंग के दौरान पेटरवार थाना के अवर निरीक्षक पी के मांझी एवं उनकी टीम के जवानों के अलावा सीआईएसएफ के निरीक्षक सुनील कुमार, उप निरीक्षक रवि कुमार, आदि।
संजय कुमार रॉय (क्राइम) सीसीएल के क्षेत्रीय सुरक्षा अधिकारी सीताराम उइके, सहित जगन्नाथ साव, मानिक दिगार, अनाम वारिश, रवि कुमार, धनेश राम, निंदर सिंह, रंजीत कुमार, होम गार्ड जीतेन्द्र रजक, सुधीर महतो, धीरेन्द्र कुमार, अजय कुमार मिश्रा, एवं महिला सुरक्षाकर्मी मौजूद थे।
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