संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। कोरोना महामारी से और सशक्त तरीका से निबटने को लेकर राज्य के परिवहन विभाग द्वारा मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को रफ्तार देने की कोशिश तेज कर दी है। जिसके तहत दो एंबुलेंस खरीदे जाने पर सम्बन्धित लाभुकों को अलग अलग अधिकतम दो लाख रुपए का अनुदान देय होगा।
इस आशय की सूचना राज्य मुख्यालय की तरफ से सभी जिलाधिकारियों को भेजी गई है। वैशाली के डीपीआरओ (Vaishali DPRO) के अनुसार वैशाली जिलाधिकारी उदिता सिंह (Udita Singh) तक भी पत्र पहुंचा है। जिसमें जिक्र किया गया है कि दो एंबुलेंस क्रय में एक सदस्य का चयन अनुसूचित जाति या जनजाति और दूसरा सदस्य अत्यन्त पीछड़ा वर्ग का होगा। जिनके चयन की अनुशंसा प्रखंड स्तरीय एक समिति करेगी। अंतिम निर्णय यानी लाभुकों का चयन अनुमंडल स्तरीय समिति करेगी। साथ ही यह भी बताया गया कि ऐसे एंबुलेंस की खरीद पर पचास प्रतिशत अनुदान का प्रावधान है, परन्तु अनुदान राशि की सीमा दो लाख से अधिक नहीं होगी। बताया गया कि सोलह मई तक ही विहित प्रावधान के तहत सम्बन्धित इच्छुक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑन लाईन करना है। एक प्रक्रिया से गुजरकर ही लाभुकों का चयन करना है। इसके अलावा पूर्व में योजना के आठवें चरण में आवेदन कर चुके आवेदकों से भी विकल्प लिए जाने का नियम बनाया गया है। साथ ही एक प्रतीक्षा सूची भी तैयार करना है।
जानकारी के अनुसार एंबुलेंस क्रय अनुदान के लिए लाभुकों का चयन शैक्षणिक योग्यता के आधार के अलावा समान शैक्षणिक योग्यता होने पर उन्हें वरीयता मिलेगी, जो तुलनात्मक रूप में अधिक उम्र के पाए जाएंगे। उन्हें ही वरीयता सूची में शामिल किया जाना है। दो लाभुकों का चयन एक प्रखंड से करने की बात कही गई है। मालूम हो कि हाल ही में बिहार के सांसद राजीव प्रताप रूढ़ि के आवास पर एंबुलेंस को लेकर जो बातें जनाधिकार पार्टी नेता राजेश रंजन यादव उर्फ पप्पू यादव ने मीडिया से साझा किया, उसके बाद जन भावनाओं के प्रति सरकार ने सचेष्ट रुख अख्तियार किया। इसी आलोक में संभवतः यह निर्णय लिया गया। विदित हो कि कमोबेश सभी कोरोना के खतरों से पूरी तरह वाकिफ हो चुके हैं। ऐसे में सरकार ने भी जन सुविधा में इजाफा का प्रयास करते हुए मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को गति देने का प्रयास किया है।
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