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मुझ पर विश्वास करना, जंगल राज बिहार को अब कभी छू नहीं पाएगा-अमित शाह

संगठन की मज़बूती ही विजय का आधार, प्रत्येक कार्यकर्ता ले बूथ जीतने का संकल्प

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। केंद्रीय गृह मंत्री अमित साह ने 17 अक्टूबर को सारण जिला के हद में तरैया विधान सभा में एनडीए प्रत्याशी जनक सिंह के समर्थन में आयोजित चुनावी सभा में अपने ओजस्वी संबोधन से कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व ऊर्जा और उत्साह का संचार किया।

चुनावी सभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि यह तो हमारा कमिटमेंट ही है कि लालू – राबड़ी फिर से नए चेहरे और नए कपड़ों के साथ नहीं आएं। वे जंगल राज लाना चाहते हैं। मुझ पर विश्वास करना, जंगल राज बिहार को कभी छू नहीं पाएगा। उन्होंने उपस्थित जनता से पूछा कि वह कौन सा कालखंड था जिसमें बिहार की प्रतिष्ठा का पतन हुआ? वह कौन सा कालखंड था जिस काल में बिहार बीमारू राज्य बन गया? कोई ज्यादा दूर जाने की जरूरत नहीं है 15 साल पहले के जंगल राज में ही यह सब हुआ।

उन्होंने कहा कि सिर्फ 15 साल पहले लालू – राबड़ी की जोड़ी ने बिहार में किस प्रकार का शासन दिया था। करप्शन के केस में जेल में जाने के बाद जब जमानत हुई तो कोई हाथी पर बैठकर वापस आता है, हमने इस प्रकार की बेशर्मी अपने जीवन में कभी नहीं देखी। उन्होंने कहा कि उस दौरान बिहार हर प्रकार की एडमिनिस्ट्रेटिव तरीके से, देश में योगदान की दृष्टि से और मौके की दृष्टि से सभी दृष्टि से पीछे रह गया।

बिहार में जो बड़ी-बड़ी इंडस्ट्री आजादी के वक्त लगी थी। बड़े-बड़े कल कारखाने चलते थे, वह धीरे-धीरे बिहार छोड़कर चले गए। बिहार को पीछे धकेलने का काम किया और वही जंगल राज फिर नए कपड़े पहनकर नए चेहरे लेकर नए स्वरूप में बिहार का जनादेश लेने के लिए आया है। लालू राबड़ी के जमाने में बिहार में 6 चरण में चुनाव होता था, अब बिहार में दो चरण में चुनाव होता है। ऐसा क्यों करना पड़ता था।

इसलिए करना पड़ता था कि इतनी सारी सुरक्षा की व्यवस्था ही नहीं हो पाती थी। अब दो चरण में इसलिए करना पड़ता है कि बिहार सुरक्षित है। बिहार के ढेर सारे जिलों में 2 घंटा पहले मतदान समाप्त कर दिया जाता था। पहले पटना के अंदर मतदान शाम को 5 बजे तक होता था और नक्सली बेल्ट के अंदर मतदान 3 बजे समाप्त कर दिया जाता था।

हमने तो मांग की है शायद सालों के बाद दशकों के बाद पहला चुनाव होगा जो पूरे बिहार में शाम को 5 बजे तक होगा, क्योंकि नक्सलवाद समाप्त हो चुका है।बिहार के एक भी थाने में अब नक्सलियों की उपस्थिति नहीं। धीरे-धीरे 20 साल के नीतीश कुमार के शासन में और 11 साल की डबल इंजन सरकार ने मोदीजी और नीतीशजी की जोड़ी ने बिहार को अपनी खोई हुई गरिमा लौटाने का काम किया। आज आगे बढ़ने के लिए बिहार तैयार है।

उन्होंने कहा कि देश की राजनीति, देश के अर्थतंत्र, देश की शिक्षा व्यवस्था और देश की कृषि व्यवस्था में अपना पुराना स्थान प्राप्त करने के लिए और मैं मानता हूं अगर एनालिसिस करते हैं तो पूंजीपति चाहे कोई भी हो भारत में बने उत्पाद के अंदर हमारे बिहारी भाई के पसीने की सुगंध महसूस होती है। उन्होंने कहा कि 15 साल के जंगल राज की सभी प्रकार की बुराइयों को समाप्त करने का काम हमने किया है।

चुनावी सभा में उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि संगठन की मज़बूती ही विजय का आधार है। प्रत्येक कार्यकर्ता यदि अपने बूथ को जीतने का संकल्प ले, तो तरैया विधानसभा में भाजपा-एनडीए की विजय निश्चित है। आज का केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का भाषण कार्यकर्ताओं के मन में आत्मविश्वास, निष्ठा और लक्ष्य के प्रति दृढ़ विश्वास का संचार कर गया है। तरैया अब पूरी शक्ति के साथ आगामी चुनाव में भाजपा-एनडीए की ऐतिहासिक जीत का मार्ग प्रशस्त करने को तैयार है। इस मौके पर पूर्व केंद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद, सारण के भाजपा सांसद व पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी, सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल, भाजपा प्रत्याशी जनक सिंह, एमएलसी सच्चिदानंद राय, भाजपा जिलाध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष आदि मंच पर उपस्थित थे।

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