एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में कथारा स्थित ऑफिसर्स क्लब में 31 अक्टूबर को त्रिपक्षीय खान सुरक्षा समिति की बैठक का आयोजन किया गया। अध्यक्षता क्षेत्र के महाप्रबंधक ने की।
बैठक का उद्घाटन कोडरमा रीजन के डीएमएस एन.पी. देवरी, डीडीएमएस माइनिंग तेजावत नरेश, डीडीएमएस इलेक्ट्रिकल वीरेंद्र प्रताप, सीसीएल सेफ्टी बोर्ड सदस्य लखनलाल महतो तथा सीसीएल मुख्यालय रांची के आईएसओ मनीष मोहन सहित अन्य सदस्यों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया।
बैठक में क्षेत्राधिकारी खान सुरक्षा ने सेफ्टी से संबंधित वार्षिक स्टेटस, वार्षिक उत्पादन लक्ष्य तथा अब तक की उत्पादन रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद क्षेत्रीय सेफ्टी बोर्ड सदस्यों ने कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। कहा गया कि क्षेत्र में वीटीसी तो समय-समय पर होता है, लेकिन पीएमई में क्षेत्र अभी भी पिछड़ रहा है। जारंगडीह ओसीपी आने-जाने वाले हॉल रोड पर बाइक से कोयला चोरी की घटनाएं दुर्घटना की आशंका बढ़ाती हैं, जिस पर रोक लगाई जाए।
स्वांग-गोविंदपुर परियोजना के डंपिंग यार्ड में प्रकाश व्यवस्था सुधारने की मांग रखी गई। सदस्यों ने यह भी सुझाव दिया कि आउटसोर्सिंग कार्यों में प्रशिक्षित ऑपरेटरों से ही ड्यूटी ली जाए तथा जारंगडीह परियोजना में कृष्णा आउटसोर्सिंग के कार्य में बैंच सिस्टम से उत्पादन कराया जाए। बैठक में कर्मचारियों के बैरक की मरम्मत एवं खान में चल रहे विभागीय व आउटसोर्सिंग वाहनों में सेफ्टी बेल्ट लगाने पर विशेष ध्यान देने की बात कही गई। साथ ही कथारा वाशरी रेलवे फाटक पर बैरियर लगाने तथा क्षेत्र में माइनिंग सुपरवाइजर व माइनिंग सरदार की कमी शीघ्र दूर करने की मांग की गई।
इस अवसर पर डीएमएस देवरी ने कहा कि सुरक्षा सर्वोपरि है। महानिदेशालय कामगारों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। इसलिए नियमों की अनदेखी अधिकारी न करें। कहा कि कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान डंपर, डोजर समेत सभी मशीनों की बारीकी से जांच करनी चाहिए, क्योंकि छोटी सी चूक बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है।
उन्होंने आउटसोर्सिंग कर्मियों को आई-कार्ड जारी करने और उनकी उपस्थिति हाजिरी खाते में अनिवार्य रूप से दर्ज करने का निर्देश दिया। उन्होंने 26 सितंबर को रिकॉर्ड 10,927 टन कोयला उत्पादन के लिए प्रबंधन को साधुवाद दी। बैठक में सेफ्टी बोर्ड सदस्य लखनलाल महतो ने ठेका मजदूरों की बायोमेट्रिक हाजिरी सुनिश्चित करने तथा खान परिसर में कैनट्रेनर रखने की प्रथा समाप्त करने की बात कही।
उन्होंने हाल ही में ढोरी क्षेत्र में हुई दुर्घटना का भी मुद्दा उठाया और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करने की आवश्यकता बताई। बैठक में विभिन्न ट्रेड यूनियन नेता सहित विभिन्न परियोजनाओं के पीओ, सेफ्टी अफसर, विभागीय अधिकारी और कर्मी उपस्थित थे। संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन कथारा कोलियरी के प्रभारी परियोजना पदाधिकारी ने किया। बैठक के उपरांत मृत कोयला कर्मियों की स्मृति में एक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई।
बैठक में खास यह देखा गया कि उक्त बैठक से स्थानीय मीडिया कर्मियों से क्षेत्रीय प्रबंधन ने दुरी बनाये रखी। यहां तक कि अपने कुछ चहेतो को छोड़ किसी भी मिडियाकर्मी को कार्यक्रम की कोई सूचना तक नहीं दी गयी थी। जबकि कार्यक्रम में कई मीडिया कर्मी अपने मुंह मियां मिट्ठू बनने चले गये, जिन्हे प्रबंधन ने कोई भाव नहीं दिया। ऐसा जान पड़ता है कि शायद प्रबंधन को अपना काला सच उजागर होने का भय था, इस कारण गुपचुप तरीके से उक्त बैठक का आयोजन किया गया था।
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