एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला के हद में परमवीर अब्दुल हमीद स्मृति भवन संडे बाजार में बीते 13 मई को ऑपरेशन सिंदूर के पराक्रम एवं भारतीय जवानों के शौर्य तथा राष्ट्रीय एकता के सम्मान में श्रद्धांजलि सह सलाम समारोह का आयोजन किया गया। उक्त आयोजन शोषित मुक्ति वाहिनी (शोमुवा) और यूनाइटेड मिल्ली फोरम (यूएमएफ) बेरमो के संयुक्त तत्वावधान में किया गया।
श्रद्धांजलि सह सलाम समारोह कार्यक्रम की शुरुआत देश के शहीद जवानों और नागरिकों को श्रद्धांजलि अर्पित कर की गई। इस अवसर पर शोमुवा संरक्षक सुबोध सिंह पवार ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य कार्रवाई नहीं, बल्कि राष्ट्र की एकता, सम्मान और मातृभूमि के लिए लिया गया दृढ़ संकल्प था। उन्होंने कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर ब्योमिका सिंह जैसे जाँबाज़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन बेटियों ने एकता और साहस का संदेश देशभर में पहुँचाया है।
कार्यक्रम में सुन्नी वक्फ बोर्ड झारखंड प्रदेश अध्यक्ष अबरार अहमद, साझा मंच रांची के अमल आजाद, कुमारी लीना, झारखंड अंजुमन संयोजक जुनैद अहमद, एडिटर पोस्ट मैगजीन के संपादक मुस्तकिम आलम, हाजी नवाब, यूनाइटेड मिल्ली फोरम के प्रदेश महासचिव अफजल अनीस, सीटू राज्य सचिव विजय भोई, सीपीएम नेता कॉमरेड भागीरथ शर्मा आदि वक्ताओं ने ऑपरेशन सिंदूर में देश के वीर जवानो के पराक्रम पर विचार व्यक्त किया। सभी वक्ताओं ने भारतीय सेना की वीरता और हिंद की बेटियों के साहस को सलाम करते हुए आतंकवाद के खिलाफ उनके अभूतपूर्व योगदान की सराहना की।

शोमुवा सलाहकार जयनाथ तांती ने कहा कि जिनके दिल में मोहब्बत है, वही सच्चे हिंदुस्तानी हैं। नफरत फैलाने वालों के लिए इस देश में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इस अवसर पर रतन निषाद, नसीम अहमद, शेर मोहम्मद, मिन्हाज मंजर, लखन तुरी, अनीता क्षत्रिय, मनोज पवार जैसे युवा कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया और देश में सौहार्द व एकता बनाए रखने का आह्वान किया।
अध्यक्षीय वक्तव्य में यूनाइटेड मिल्ली फोरम के प्रदेश महासचिव अफजल अनीस ने कहा कि जब हमारी सरहदें एक हैं, तो दिल क्यों बाँटे जा रहे हैं? ऑपरेशन सिंदूर की शौर्यगाथा हमें सिखाती है कि देश की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। आज हमें उस एकता को टूटने नहीं देना है। स्वागत भाषण शोमुवा सचिव मुन्ना सिंह जबकि धन्यवाद ज्ञापन राकेश नायक ने किया।
सभा में राजेश पासवान, ज्ञान प्रकाश विद्यार्थी, हरी मोहन सिंह, मुकेश कुमार, सरोज मास्टर, सुरेश त्रिपाठी, छोटू क्षत्री, रौशन सिंह, राजू ताँती, शमशेर अली, विनोद यादव, विनोद रवानी, मो. कलीम, मो. परवेज, मो. शहबाज, मो. जावेद अंसारी, मो. खालिद मसूद, मनोज कुमार, मूलचंद खुराना, असलम मास्टर, राम अयोध्या सिंह, मो. सरफराज, प्रमोद कुमार, शंकर यादव, मनोज कुमार महतो, शांति देवी आदि उपस्थित थे।
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