प्रहरी संवाददाता/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विष्णुगढ़ प्रखंड के हद में केन्दुआ गांव में 26 फरवरी को आदिवासी सेंगेल अभियान की एक बैठक आयोजित किया गया। बैठक कि अध्यक्षता प्रभु हांसदा तथा संचालन बहाराम हांसदा ने किया।
बैठक को मुख्य रुप से आदिवासी सेंगेल अभियान के झारखंड प्रदेश अध्यक्ष देवनारायण मुर्मू ने संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज आदिवासियों का अस्तित्व गहरे संकट में है। आदिवासियों का हासा- भाषा, जाति, धोरोम, ईज्जत, आबादी, रोजगार, चास- बास आदि लुटने मिटने के कगार पर है। इसे बचाना जरूरी है।
आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व सांसद सालखन मुर्मू के नेतृत्व में इसे बचाने का संघर्ष जारी है। इसी के तहत राष्ट्रीय मान्यता प्राप्त व सबसे बड़ी आदिवासी भाषा संताली भाषा को झारखंड में प्रथम राजभाषा बनाना है।
इसके लिए आगामी 30 अप्रैल को मोरहाबादी मैदान रांची चलो तथा प्राकृति पूजक आदिवासियों को सरना धर्म काॅलम कोड की मांग के लिए 30 जून को दिल्ली चलो का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। इसकी सफलता के लिए भारत के पांच आदिवासी बहुल प्रदेशों बिहार, बंगाल, असम, उड़ीसा तथा झारखंड में जनजागरण अभियान चालू है।
उन्होंने कहा कि हजारीबाग जिला में जनजागरण अभियान को तेज करने के लिए जिला कमेटी का गठन किया गया है। जिसमें हजारीबाग जिला का एएसए अध्यक्ष बहाराम हांसदा को, मांझी परगना मंडवा अध्यक्ष बहाराम मरांडी को बनाया गया है। विष्णुगढ़ प्रखंड अध्यक्ष लखीराम बेसरा तथा संयोजक शनिचर सोरेन को बनाया गया।
बैठक में मुख्य रूप से बोकारो जिला संयोजक गोपीनाथ मुर्मू, राम प्रसाद सोरेन, रमेश मरांडी, शीतल मरांडी, जगदीश मुर्मू, उमेश सोरेन, लखन हेम्ब्रम, बजून मुर्मू, अरविंद मरांडी, मायू देवी, दुलारी देवी, शांति देवी, मंजू देवी सहित दर्जनों रहिवासी उपस्थित थे।
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