गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। राष्ट्रीय जनता दल और महागठबंधन दलों के आह्वान पर चुनाव आयोग भारत द्वारा वर्ष 2003 के मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण के खिलाफ 9 जुलाई को आहूत बंद वैशाली जिले में कारगर रहा।
बिहार बंद को लेकर वैशाली जिला रहिवासी पहले ही से सतर्क थे। बन्द की वजह से वाहन नहीं चलने की वजह से रहिवासी जरूरी काम को लेकर 9 जुलाई की अहले सुबह में ही अपने गंतव्य की ओर निकल गए। प्रातः 6 बजे महुआ विधायक डॉ मुकेश रोशन के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ताओं ने सबसे पहले जिला मुख्यालय हाजीपुर स्थित महात्मा गांधी सेतु मार्ग को बंद कर दिया, जिस वजह से बिहार की राजधानी पटना से मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, दरभंगा, मोतिहारी, रक्सौल आदि स्थान जाने वाली गाड़ियां प्रातः 6:00 बजे से ही नहीं चली। राजद विधायक डॉ रोशन आज के बंद कार्यक्रम में खासा एक्टिव रहे और रामाशीष चौक स्टेशन चौक जो हाजीपुर शहर का प्रवेश द्वार है पर कार्यकर्ताओं के साथ डटे रहे। आज एक भी रिक्शा, मोटरसाइकिल या अन्य सवारी जिले में नहीं चली, जिस वजह से सरकारी कार्यालय और न्यायालय में उपस्थिति कम रही। बाजार पूर्णत: बन्द रहे।

बताया जाता है कि बंद के दाऊ हाजीपुर के अनवरपुर चौक के समीप राजद कार्यकर्ताओं के साथ आंदोलन में कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता भी देखे गए। यहां बंद समर्थकों ने सड़क को बांस बल्ले से बंद कर दिया, जिस वजह से जरूरी काम से शहर के अंदर आने जाने वालों को परेशानी हुई। बंद करने वालों ने महिलाओं को भी नहीं बक्शा। हाजीपुर शहर के दुकानदारों ने इन बन्द समर्थकों के डर से अपना दुकान और प्रतिष्ठान पहले ही बंद कर रखा था। निजी शिक्षण स्कूल भी आज बंद रहे। बंद समर्थक मोदी और नीतीश के साथ ही चुनाव आयोग के खिलाफ नारा लगा रहे थे।
कांग्रेस के स्थानीय नेता मुकेश रंजन ने बताया कि चुनाव आयोग द्वारा जो वोटर पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, इसमें गरीब वोटरों को वोट के अधिकार से वंचित रखने की साजिश है और चुनाव आयोग मोदी सरकार के प्रभाव में कार्य कर रहा है।
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