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सत्रह केंद्र इकाइयों पर कुल 5037 कीट जांच के लिए उपलब्ध

लॉकडाउन को लेकर जनहित में डीएम ने स्वयं संभाला मोर्चा
संतोष कुमार/वैशाली (बिहार)। पुरे देश में कोविड-19 का खतरा मंडरा रहा है। सरकार और प्रशासन के सामने आमजनों की सुरक्षा एक बड़ा सवाल बनता जा रहा है। वहीं एहतियातों और गाइडेंस के अनुपालन से सुरक्षा तय माना जा रहा है। फिर भी लापरवाही की हद हो रही है।
लोग न ही शोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing) का पालन जवाबदेही से करते देखे जा रहे हैं, न ही बिना मतलब घूमने से परहेज़ ही कर रहे हैं, जबकि सरकार चिंतित है। ऐसे में जिला प्रशासन ने तंग आकर कुछ सख्त कदम उठाए हैं, ताकि आमजन की सुरक्षा से जुड़े उपायों को निर्बाध लागू कराया जाता रहे। जबतक कि कोरोना कहर बरपाना बन्द न कर दे। सबसे पहले तो निजी एंबुलेंस चालकों पर कार्रवाई की बात सामने आई, जो दोगुना या तिगुना किराया तय राशि से अधिक लेते पकड़े जाएंगे। ऐसी सूचनाएं वैशाली जिला प्रशासन को मिल रही है कि निजी एंबुलेंस चालक मौके का फायदा उठा रहे हैं। जिन पर जिला प्रशासन ने उन्हें चेतावनी दी और साथ ही यह भी कहा कि दोषी पाए जाने पर आपदा प्रबन्धन अधिनियम 2005 के तहत कार्रवाई की जाएगी। उधर जिला प्रशासन ने टेस्ट कीट जो रैपिड एंटीजन टेस्ट कीट है उसकी सूची भी जारी कर दी है। जिसके अनुसार हाजीपुर सदर अस्पताल को 378 कीट उपलब्ध थे, जबकि पातेपुर यूनिट को कुल 1579 कीट उपलब्ध बताए गए। सड़कों पर उतरकर जिलाधिकारी उदिता सिंह और पुलिस अधीक्षक मनीष ने आम जनों में यह भरोसा दिलाने का प्रयास किया कि प्रशासन उनके हर मुश्किल में उनके साथ कदम ताल करेगा। लेकिन प्रशासन भी तभी मदद कर पाएगा, जब लोग गाइड लाईंस का ठीक से अनुपालन करेंगे।

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