– वाशीनाका के शौचालय में अब तक बह गए डेढ़ करोड़
– बीएमसी इंजीनियरों का दिल मांग रहा तीन करोड़ मोर
मुश्ताक खान/मुंबई। चेंबूर के वाशीनाका स्थित इंदिरा नगर परिसर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी Prime minister Narendra Modi) के महत्वाकांक्षी ‘स्वच्छ भारत अभियान’ का जनाजा निकालते हुए मनपा ने अब तक एक सार्वजनिक महिला शौचालय पर डेढ़ करोड़ रुपए बहा दिए हैं।
बीएमसी इंजीनियरों (BMC Engineers) की दलील है कि इस शौचालय के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के लिए अभी और तीन करोड़ रुपए खर्च करने होंगे।
शौचालय को लापरवाही का कब्ज!
उक्त सार्वजनिक महिला शौचालय लगभग एक साल से बनकर तैयार है। समस्या यह है कि बीएमसी इंजीनियरों के मार्गदर्शन में शौचालय तो आधुनिक बना दिया गया है, लेकिन मल निकासी की व्यवस्था ही नहीं हो पाई है। अब समस्या यह खड़ी हो गई है कि उक्त शौचालय के सामने बने सीमेंट रोड से मल निकासी की व्यवस्था करने का कोई पुख्ता इंतजाम नहीं है। शौचालय बनाने से पहले इंजीनियरों ने मल निकासी की व्यवस्था पर ध्यान नहीं दिया, जो उनकी घोर लापरवाही का प्रमाण है।
ताला तोड़ने का अल्टीमेटम
इस बीच एक साल से उद्घाटन की बाट जोह रहे मनसे के कार्यकर्ताओं ने मनपा एम पूर्व के मेंटेनेस विभाग को चुनौती दी है कि 31 अगस्त तक नवनिर्मित शौचालय का ताला नहीं खोला गया तो हम लोग आम जनता की समस्याओं को देखते हुए ताला तोड़ देंगे।
इसके लिए मनसे के 147 शाखाध्यक्ष मंगेश पडवल मनपा को 25 अगस्त 2021 को एक पत्र भी दिया है। चूंकि करीब एक साल पहले 1.5 करोड़ में बन कर तैयार हुए दोनों महिला शौचालयों के कारण स्थानीय महिलाओं को जान जोखिम में डालकर शौच के लिए जाना पड़ता है।
पुराना शौचालय जर्जर, नए पर बीएमसी का ताला प्राप्त जानकारी के अनुसार वाशीनाका स्थित इंदिरानगर में करीब एक साल पहले दो शौचालयों को केंद्र सरकार की प्राथमिक परियोजना ‘स्वच्छ भारत अभियान’ के तहत मनपा द्वारा दो शौचालयों का निर्माण किया गया। घनी आबादी वाले इंदिरानगर में बने 25 और 15 सीटों वाले इन शौचालयों का मनपा के अभियंताओं द्वारा मुआयना करने के बाद करीब एक साल पूर्व 1.5 करोड़ की लागत से बनाया गया।
हालांकि इस नगर के पूराने शौचालय काफी जर्जर स्थिति में हैं। वह कभी भी धराशाई हो सकता है। वहीं नवनिर्मित शौचालय में मनपा द्वारा ताला लटकाया गया है। जिसे महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के शाखा अधायक्ष ने मंगेश पडवल ने चुनौती दी है कि 31 अगस्त तक नहीं खोला गया तो 1 सितंबर को जनहित के मद्देनजर ताला तोड़ दिया जाएगा।
हजारों महिलाओं को हो रही परेशानी
मनपा के वार्ड क्रमांक 147 के इंदिरानगर में करीब 8 से 10 हजार की जनसंख्या है। इनमें महिला व युवतियों की संख्या 3 और 4 के बीच होगी। इतनी बड़ी आबादी कि महिलाओं के लिए संकट की घड़ी आ गई है, क्योिंक मनपा द्वारा पूराने शौचालय को जर्जर घोषित कर बंद करने की नोटिस जारी हो चुकी है।
उठे सवाल, इंजीनियरों को क्यों नहीं आया ड्रेनेज का ख्याल?
इस कड़ी में दिलचस्प बात यहा है कि मनपा एम पूर्व के अभियंताओं ने नोट कमाने के चक्कर में आधा अधूरा मुआयना किया और नौसिखिए ठेकेदार के जरिए काम शुरू करा दिया। अभियंताओं ने यह नहीं सोचा कि शौचालयों की गंदगी व मल मूत्र कहां जाएगी।
बताया जाता है कि अब यही शौचालय मनपा एम पूर्व के अभियंताओं के लिए गले का फांस बन गया है। इन शौचालयों की गंदगी को बाहर निकालने के लिए मनपा को और 2 से 3 करोड़ का फटका लगने वाला है। क्योंकि मार्ग पर ड्रेनेज लाइन तो है लेकिन शौच की गंदगी को निकलने का कोई रास्ता नहीं है।
ताला टूटेगा या नहीं ?
गौरतलब है कि इंदिरानगर शिवसेना का गढ़ माना जाता है। इसे देखते हुए स्थानीय नगरसेविका अंजली संजय नाईक ने अपने निजी निधि से थोड़ा बहुत सहयोग किया है, लेकिन आगे का क्या? कहने का मतलब साफ है कि जनता की गाढ़ी कमाई से सेंध लगाने वाले अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर देना चाहिए, क्योिंक इन्हीं अभियंताओं के कारण स्थानीय महिलाओं को जान जोखिम में डाल कर शौच के लिए जाना पड़ रहा है। अब देखना यह काफी दिलचस्प होगा कि 31 अगस्त को ताला टूटता है या नहीं ?
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