रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो के आईटीआई मोड़ के समीप जहां दोनों फोर लेन हाइवे सड़कें आपस में मिलती है, वहीं सड़क किनारे ही चास नगर निगम द्वारा कॉलोनियों का घरेलू कचड़ा गाड़ियों पर उठाकर हर रोज फेंका जा रहा है।
जिससे वहां कचड़े का अम्बर लग गया है। उक्त पूरे स्थान में इतना अधिक दुर्गंध व्याप्त है कि इन सड़कों से आने जाने वालों को बहुत ही परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही बरसात के कारण उक्त कचड़ा बहकर सड़क पर भी आ जा रहा है।
इसे लेकर एक जून को स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान की पांच सदस्यीय टीम जिसमें संस्थान के महासचिव शशि भूषण ओझा ‘मुकुल’, कार्यकारी अध्यक्ष रघुवर प्रसाद, पर्यावरण संयोजक मृणाल चौबे, नशामुक्ति संयोजक लक्ष्मण शर्मा और वृक्षारोपण संयोजक वीरेंद्र चौबे शामिल रहे द्वारा निरीक्षण किया गया। टीम का चास नगर निगम के इस नक्कारेपन को देख कर मन अत्यंत दु:ख व् गुस्सा से भर गया।

ज्ञात हो कि यह स्थान चास नगर निगम कार्यालय से सिर्फ 200 गज की ही दूरी पर है और चास एसडीओ का कार्यालय भी यहां से लगभग 200 गज की ही दूरी पर स्थित है। इस कचड़े के अंबार पर हर रोज दर्जनों गाएं और अन्य पशु भोजन की तलाश में घूमते रहते हैं तथा गंदी सड़ी गली वस्तुओं और पॉली बैग को खाकर बीमार हो रहे हैं।
हाइवे सड़क के किनारे ही इस तरह से कचड़े को नगर निगम द्वारा फेंके जाने से न सिर्फ बोकारो की प्रतिष्ठा का हनन हो रहा है, बल्कि बोकारो जिला प्रशासन को भी लापरवाह और संवेदनहीन माना जा रहा है। उक्त कचड़े को अगर वहां फेंकना बंद नहीं किया गया तथा फेंके हुए कचड़े को वहां से हटाया नहीं गया तो स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संरक्षण संस्थान द्वारा सख्त कदम उठाया जाएगा। उक्त बाते संस्थान के महासचिव मुकुल ओझा ने कही।
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