प्रहरी संवाददाता/हाजीपुर (वैशाली)। भोजपुरी के सेक्सपियर कहे जाने वाले लोक कलाकार भिखारी ठाकुर को समर्पित तीन दिवशीय नाट्य महोत्सव नट लीला 2023 का समापन साल आखिरी दिन 31 दिसंबर को किया गया। भिखारी ठाकुर की अमर नाट्य रचना भाई विरोध की नाद पटना के कलाकारों द्वारा सफल मंचन के साथ समापन किया गया।
जानकारी के अनुसार तीन दिवसीय नाट्य महोत्सव का आगाज बीते 29 दिसंबर को वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के गांधी स्मारक पुस्तकालय के जगदीश चंद्र माथुर मंच से चिराग जलने दो नाटक के साथ किया गया था। निर्माण रंगमंच हाजीपुर एवं डिवाइन सोशल डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन पटना के संयुक्त तत्वाधान में यह नाट्य महोत्सव आयोजित किया गया।
बताया जाता है कि नाट्य महोत्सव के प्रथम दिन निर्माण रंगमंच हाजीपुर की ओर से प्रसिद्ध शायर शैवान फारूकी की चर्चित रेडियो रूपक चिराग जलने दो की शानदार प्रस्तुति से की गयी। जिसका नाटक रूपांतरण परिकल्पना और निर्देशन हाजीपुर के रंगमंच के कलाकार क्षितिज प्रकाश द्वारा प्रस्तुत किया गया।
दूसरे दिन 30 दिसम्बर को मणिकांत चौधरी द्वारा लिखीत और निर्देशित नाटक घरे घरे जेल अभिनव आर्ट पटना के कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किया गया। घरे घरे जेल नाटक के माध्यम से कोरोना लॉक डाउन के दौरान रहिवासियों को होने वाली परेशानी को दर्शाया गया। वही 31 दिसंबर को प्रस्तुत नाटक भाई बिरोध परिवारिक कलह और उससे होने वाली हानि को दर्शाते हुए इस नाटक का सफल मंचन किया गया। जिसे दर्शको ने काफी सराहा।
ज्ञात हो कि, हाजीपुर के राष्ट्रीय स्तर के रंगकर्मी क्षितिज प्रकाश उर्फ राममोहन और सामाजिक कार्यकर्ता वीर भूषण जैसे कला प्रेमी हाजीपुर मे नाट्य परम्परा को जीवित रखे हुए हैं। निर्माण रंगमंच हाजीपुर की यह लगातार 12वी नट लीला प्रस्तुति था।
इस नाट्य महोत्सव के दौरान स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता मनीष शुक्ला, अधिवक्ता सह पत्रकार गंगोत्री प्रसाद सिंह, युवा समाजसेवी किसलय किशोर, अनिल चन्द्र कुशवाहा, कुमार वीर भूषण आदि को सम्मनित किया गया।
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