अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। आंग्ल नव वर्ष के प्रथम दिन एक जनवरी को सारण जिला के हद में सोनपुर नगर परिषद द्वारा संरक्षित पार्क सोनपुर वाटिका में हजारों सैलानियों की भीड़ उमड़ पड़ी। पूरी तरह से सोनपुर वाटिका पिकनिक स्पॉट के रूप में तब्दील हो गया। भीड़ की वजह से मुख्य द्वार पर पुलिस को कमान संभालनी पड़ी।
इस अवसर पर वाटिका में उपस्थित नर-नारियों व बच्चे – बच्चियों ने खूब मस्ती की। वाटिका के बाहरी मुख्य सड़क पर इतनी अधिक भीड़ थी कि पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया था। बावजूद इसके उपस्थित आम व् खास के चेहरे पर उल्लास और उमंग का भाव स्पष्ट दृष्टिगोचर हो रहा था। सेल्फी की ऐसी होड़ मची थी जैसे लग रहा था कि नववर्ष के प्रथम दिन के इस यादगार पल को सभी अपने मोबाईल कैमरे में कैद कर लेना चाहते हों।
वाटिका में लगे झूले की मस्ती भी है तो स्टेचू नुमा हिरण, मोर या बाघ संग सेल्फी की ललक भी। इस वाटिका में सेहत के प्रति सतर्क रहिवासी भी सैर – सपाटा करते दिख रहे थे। कोई कसरत कर रहा था तो कोई वाटिका में बनें मंडप में परिवार संग बैठकर गुपचुप पानी- पूरी का मजा ले रहा था, तो कोई मुलायम घास पर बैठ कर मूंगफली का आनंद उठा रहा था। उक्त वाटिका में झूला झूलने से लेकर कसरत करने तक के उपकरणों पर भारी भीड़ थी।

बच्चे हो या सयाने सभी अपनी मांसपेशियों को मजबूती प्रदान कर रहे थे। चढ़ने, भागने और प्रकृति के बीच खेलने जैसी एक्टिविटीज से बच्चों के को-ऑर्डिनेशन स्किल्स बेहतर हो रहे थे। वहीं धूप निकलने से भी यहां सैलानियों की भीड़ ज्यादा उमड़ पड़ी थी। इस पार्क का उद्घाटन हाल ही में सोनपुर के भाजपा विधायक विनय कुमार सिंह ने किया था।
हालांकि उद्घाटन के पूर्व से ही बड़ी संख्या में रहिवासी पार्क में घूम कर लुत्फ उठा रहे हैं। सिर्फ सोनपुर ही नहीं बल्कि सबलपुर, राहर दियारा, आनंदपुर, सवाईच के साथ – साथ निकटवर्ती वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के रहिवासी भी इस वाटिका में पहुंच रहे हैं। इस वाटिका का निर्माण नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार सरकार के सौजन्य से सोनपुर नगर परिषद ने कराया है। यह सोनपुर का पहला पार्क है, जो 75,000 वर्ग फीट क्षेत्र में बनकर तैयार है।
पार्क में सेल्फी पॉइंट भी है तो आकर्षक लाइटें व् झूले भी
इस वाटिका में बैठने की पर्याप्त सुविधा है तथा सेल्फी पॉइंट की भी व्यवस्था है। विभिन्न प्रकार के फूल-पौधे से पार्क को सुशोभित किया गया है। चतुर्दिक लाइट की भी व्यवस्था की गई है। झूले और खिलौने जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। करें योग, रहे निरोग के प्रति वचनबद्ध व समर्पित जनों के लिए यह पार्क सबसे उपयुक्त जगह है। वाटिका के बाहर पानी – पूरी, लिट्टी – चोखा, काबुली चना आदि का भी ठेला पर रख कर बिक्री हो रही है।
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