कोयलांचल में औसतन 40 हजार टन कोयले का उत्पादन और करीब 10 फीसदी की चोरी
नंद कुमार सिंह/फुसरो (बोकारो)। वर्तमान में बोकारो जिला (Bokaro District) के हद में बेरमो कोयलांचल स्थित सीसीएल के खदानों से हर दिन औसतन 40 हजार टन कोयले का उत्पादन हो रहा है। वहीं दूसरी ओर एक अनुमान के अनुसार, इसका करीब 10 फीसदी हिस्सा चोरी हो जाती है।
बेरमो कोयलांचल स्थित सीसीएल (CCL) की विभिन्न कोलियरियां अवैध धंधेबाजों का सॉफ्ट टारगेट हैं। जानकारी के अनुसार बेरमो कोयलांचल के कथारा, बीएंडके और ढोरी क्षेत्र के परियोजनाओ समेत आस-पास के इलाकों में बड़े पैमाने पर कोयले का अवैध कारोबार चल रहा है। खास बात यह कि यह सब ना केवल रात में, बल्कि दिन में भी बिना किसी भय के हो रहा है।
एक अनुमान के अनुसार बेरमो कोयलांचल स्थित सीसीएल की खदानों से हाइवा से कोयले की तस्करी होती है। इसके अलावा अन्य तरीकों, जैसे ट्रैक्टर, बाइक, स्कूटर, साइकिल से भी कोयला चोरी कर ले जाते हैं। पुलिस, सीआईएसएफ, होमगार्ड और सीसीएल सुरक्षा प्रहरी के द्वारा छापामारी कर अवैध कोयला को अक्सर पकड़कर जब्त की जाती है।
सीसीएल के ओपन कास्ट माइन्स में रात को 12 बजे के बाद सीसीएल का नहीं बल्कि कोयला चोरों का दबदबा शुरू हो जाता है। कोयला चोर बेझिझक जान को हथेली में रखकर माइंस से कोयला निकालते हैं।
जानकारी के अनुसार प्रतिदिन हजारों की संख्या में अवैध धंधेबाज ओपेन कास्ट माइन्स के फेस में प्रवेश करते हैं और सैकड़ों टन कोयले की चोरी करते हैं। सूत्रों की माने तो ओपेन कास्ट इलाके में कोयला माफियाओं का एक क्षत्र राज चलता है। इनके आगे सीसीएल के सुरक्षाकर्मी भी नतमस्तक रहते हैं।
रात के बारह बजे के बाद कोयला तस्करों का यहां साम्राज्य कायम हो जाता है। जबकि इस धंधे में कई सफेदपोश भी शामिल हैं। पुलिस तो छापेमारी करती है लेकिन इस धंधे के छोटे प्यादे को ही गिरफ्तारी कर पाती है। इस तस्करी में बड़े धंधेबाज पर्दे के पीछे रहकर अपने राजनीतिक वर्चस्व के चलते हमेशा बच निकलते है।
सीसीएल ढोरी एरिया के क्षेत्रीय सुरक्षा अघिकारी सीताराम उईके ने कहा कि कोयला चोरी रोकने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अवैध सुरंग को भी जेसीबी से बंद करने का काम किया जा रहा है। बावजूद इसके कोयला चोरी नहीं रुक रहा है। इसे खेतको पुल के समीप किसी भी दिन किसी भी समय खुली आंखो देखा जा सकता है।
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