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हजारों श्रद्धालुओं ने किया बाबा हरिहरनाथ के अमरनाथ स्वरूप का भव्य दर्शन

अमरनाथ के स्वरुप में बाबा का किया गया बर्फ से श्रृंगार

अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। श्रावण माह की तीसरी सोमवारी के अवसर पर 28 जुलाई को संध्याकालीन बेला में हजारों श्रद्धालुओं ने सारण जिला के हद में बाबा हरिहरनाथ के अमरनाथ स्वरूप का श्रृंगार – दर्शन किया। यहां अमरनाथ के स्वरुप में बाबा का बर्फ से श्रृंगार किया गया जो भक्तों को आकर्षित कर रहा था।

सोनपुर के बाघ वाले बच्चा बाबू के पुत्र सुरेश नारायण सिंह के सौजन्य से तीसरी सोमवारी पर बाबा हरिहरनाथ का परंपरागत रूप से भव्य श्रृंगार किया गया। कह सकते हैं कि बाबा हरिहरनाथ ने अपने भक्तों को बाबा अमरनाथ स्वरुप में यहां दर्शन दिया। इस अवसर पर जुटे हजारों भक्तों के बीच प्रसाद का वितरण किया गया। आरती पूजन का समस्त कार्य मंदिर के मुख्य अर्चक आचार्य सुशील चंद्र शास्त्री, पवनजी शास्त्री, सदानंद पांडेय आदि ने सम्मिलित रूप से किया।

मां तारा सेवा निधि त्रिवेणी महाआरती कौनहाराधाम की प्रस्तुति नारायणी महाआरती का आयोजन

मां तारा सेवा निधि त्रिवेणी महा आरती कौनहारा धाम (हाजीपुर) के तत्वावधान में श्रावण माह के तीसरी सोमवारी पर सोनपुर के काली घाट पर भव्य नारायणी महाआरती का आयोजन किया गया। शहीद महेश्वर कुटीर परिवार से जुड़े प्रसिद्ध समाजसेवी देवदत्त सिंह एवं उनके अनुज जयदत्त सिंह द्वारा आयोजित इस नारायणी महाआरती का हजारों श्रद्धालुओं ने दीदार किया।

आयोजित महाआरती समारोह की अध्यक्षता बाबा हरिहरनाथ मंदिर के मुख्य अर्चक सुशील चंद्र शास्त्री ने किया। पूरी आरती टीम का संचालन मां तारा सेवा निधि त्रिवेणी महा आरती कौनहारा धाम के टीम संचालक व संस्थापक महाकाल बाबा कर रहे थे। इस अवसर पर सर्वप्रथम त्रिवेणी महाआरती आरम्भ होने से पूर्व भगवती नारायणी की पूजा – अर्चना की गयी। इसके बाद आरती की प्रस्तुति की गयी।

इस आरती का दिग्दर्शन वैशाली जिला मुख्यालय हाजीपुर के कौनहारा धाम से भी भक्तों ने किया। संध्याकालीन बेला में श्रद्धालुओं ने बाबा हरिहरनाथ के अतिरिक्त मंदिर परिसर में पश्चिम दिशा में अवस्थित सभी आठ लघु मंदिरों में माथा टेका जिनमें माता दुर्गा, महालक्ष्मी माता, देवी सरस्वती, श्रीगजेन्द्र मोक्ष भगवान एवं गज ग्राह, विघ्नहर्ता श्रीगणेश, श्रीश्री 108 शंकर, बजरंग बली एवं मां पार्वती शामिल हैं।

उपरोक्त सभी लघु मंदिरों में स्थापित देवी – देवताओं की बाबा हरिहरनाथ के साथ ही नित्य दिन की तरह संध्याकालीन आरती और पूजा की गयी। पूजा -अर्चना से भक्तों की सभी मनोकामनाएं सिद्ध होती है। बाबा हरिहरनाथ के मुख्य द्वार के सटे उत्तर नवग्रह देवताओं के मंदिर में भी भारी भीड़ पूजा करती देखी गई। महिलाओं ने भक्ति भाव से दीप प्रज्ज्वलित किए। नवग्रह देवताओं में ग्रहों के राजा सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि, राहु और केतु इन नौ मुख्य खगोलीय ग्रहों की इस मंदिर में उपस्थिति है।

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