गांव में बिजली, पानी से संबंधित मांग पत्र पीओ डीआरडी/आरडी को सौंपा
प्रहरी संवाददाता/पेटरवार/फुसरो (बोकारो)। पेटरवार प्रखंड के हद में पुरे चलकरी के डेढ़ हजार महिला, पुरुष ग्रामीणों ने 8 अगस्त को बोकारो जिला के हद में सीसीएल बीएंडके महाप्रबंधक कार्यालय के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीणों की मांग थी कि, विस्थापित गांव चलकरी उत्तरी एवं दक्षिणी पंचायत में विभाग द्वारा पाइप के माध्यम से जलापूर्ति एवं बिजली आपूर्ति करना।
प्रदर्शन में शामिल उक्त पंचायत के मुखिया अकलेश्वर ठाकुर, पंसस इंद्रजीत मंडल, जिप सदस्य माला कुमारी ने बताया कि क्षेत्रीय प्रबंधन को विगत जून महीने के अंतिम सप्ताह में दोनों मांगो से संबंधित आवेदन दिया गया था, जिसमे मांग पुरा नहीं होने पर आंदोलनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई थी। इसी के आलोक में आज पूर्व निर्धारित तिथि को धरना, प्रदर्शन किया गया।
सर्वप्रथम दिन दस बजे ग्रामीणों एवं विभिन्न प्रतिनिधियों की हुजूम चलकरी गांव से महाप्रबंधक कार्यालय (करगली गेट) हमारी मांगे पूरी करो के गगनभेदी नारा लगाते हुए पहुंचे।

पहले से तैनात सीआईएसएफ अपराध शाखा के उप निरीक्षक एमके सिंह, सुमन कुमारी, सहायक समादेष्टा कार्तिक पटेल के नेतृत्व में सशस्त्र बल, सीसीएल सुरक्षा कर्मी, क्राइम विभाग के पुरुष, महिला जवानों ने प्रदर्शनकारियों को भीतर जाने से रोके रखा। महाप्रबंधक उस वक्त कार्यालय में नहीं थे और अन्य अधिकारी से वार्ता को ग्रामीण प्रतिनिधि तैयार नहीं थे। समझाने पर आंदोलनकारियों ने मुख्य सड़क करगली गेट गांधी चौक के निकट प्रदर्शन किया।
यहां प्रदर्शन सभा में बदल गया। जहां विभिन्न वक्ताओं ने अपने अपने विचार प्रकट किए। इस अवसर पर जिप सदस्य माला कुमारी, मुखिया अकलेश्वर ठाकुर, पंसस इंद्रजीत मंडल, अशोक मंडल, काशीनाथ केवट, पूर्व मुखिया पंचानन मंडल, चलकरी दक्षिणी मुखिया प्रतिनिधि दुर्गा सोरेन, अरुण गिरी, आदि।
बिनोद केवट, माधव मंडल, गुलाम हैदर, प्रमोद शर्मा, पंकज केवट, कुतुबुद्दीन अंसारी, अनिल रजक, फलेंदर रविदास, रामावतार गिरी सहित कई महिलाओं ने संबोधित किया। प्रायः सबों ने सीसीएल की स्थानीय रहिवासियों के प्रति उपेक्षित रवैया अपनाए जाने की निंदा की।
आखिरकार जीएम अंत तक नही पहुंचे। ग्रामीणों द्वारा लिखे गए स्मार-पत्र को डीआरडी/आरडी के पीओ डी माजी ने रिसिव्ड किया। उन्होंने आंदोलनकारियों को आश्वासन दिया कि एक सप्ताह के भीतर जीएम से वार्ता ग्रामीण प्रतिनिधियों से अवश्य कराएंगे।
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