प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। झारखंड में गिरिडीह, हजारीबाग, धनबाद और बोकारो जिले में एक के बाद एक लगातार हो रही प्रवासी मजदूरों की मौत, विदेशो में अगवा और फंसने का सिलसिला नहीं थम रहा है।
इस कड़ी में अब गिरिडीह जिला के हद में डुमरी थाना क्षेत्र के भरखर रहिवासी भोला महतो के 32 वर्षीय पुत्र सुरेश महतो की चेन्नई में बीते 9 जुलाई को मौत हो गई। इसकी सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया है।
ज्ञात हो कि मृतक सुरेश घर का इकलौता कमाऊ था। वह अपने पीछे पत्नी मालो देवी, दस वर्षीय पुत्री खुशबू कुमारी, छह वर्षीय पुत्री नीतू कुमारी और मात्र एक साल का पुत्र सुभाष कुमार समेत बुजुर्ग माता-पिता को छोड़ गया है।
परिजनों के अनुसार सुरेश चेन्नई में श्रीनिवास इंजीनियरिंग प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में काम करता था।जानकारी के अनुसार बीते 5 जुलाई को सुरेश कंपनी की लापरवाही के कारण हाई टेंशन टावर में करंट लगने से गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसके बाद उसे स्थानीय सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां इलाज के दौरान बीते 9 जुलाई को उसकी मौत हो गई।
इस घटना सूचना मिलते ही प्रवासी मजदूरों के हित में कार्य करने वाले समाजसेवी सिकन्दर अली मृतक के घर पहुंचकर संवेदना प्रकट की। साथ हीं कहा कि झारखंड के नौजवानों के मौत के मुंह में समा जाने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी कई प्रवासी मजदूरों की मौत हो चुकी है। कहा कि रोजी-रोटी की तलाश में परदेस गये प्रवासी झारखंडी मजदूरों की आये दिन मौत की खबर सामने आती रहती है। हर रोज झारखंड के किसी न किसी इलाके से प्रवासी मजदूर की दूसरे राज्यों या विदेश में मौत की खबरें आ रही है। ऐसे में पलायन को लेकर सरकार को ठोस नीति बनाने की जरूरत है।
![]()













Leave a Reply