रामगढ़ और चक्रधरपुर के सैंकड़ों नेताओं ने थामा आजसू का दामन
सिद्धार्थ पांडेय/जमशेदपुर (झारखंड)। झारखंड की जो वर्तमान समय की तस्वीर है, वह भविष्य के लिए ख़तरनाक संकेत है। राज्य में चौतरफा अराजकता का माहौल है। झारखंड के जनादेश को छला गया है। अब चुप बैठने का समय नहीं है। धोखेबाज और निकम्मी हुकूमत की आंखों में आंखे डालकर हिसाब लेने का समय आ चुका है। झारखंड की बड़ी आबादी के हितों के लिए हमने वही सवाल उठाए हैं, जिन्हें पूरे करने के वादे पर वर्तमान हुकूमत राज कर रही है।
उक्त बातें झारखंड के पूर्व उप मुख्यमंत्री एवं आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने 21 मई को झारखंड की राजधानी रांची के हरमू स्थित केंद्रीय कार्यालय में आयोजित मिलन समारोह के दौरान कही।
राज्य की चरमराई बिजली की खस्ता हालत पर उन्होंने कहा कि लचर सिस्टम और कमजोर नेतृत्व के कारण राज्य में यह स्थिति उत्पन्न हुई है। सरकार की अस्पष्ट कार्य योजना और तैयारियों के अभाव के कारण आम जनमानस को कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पढ़ाई-लिखाई, खेती-सिंचाई, व्यापार, इलाज सभी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।
सरकारी सिस्टम के तौर-तरीके तथा सरकार की नीतियों को गौर करें तो यह साफ-साफ दिखता है कि साढ़े तीन सालों में वर्तमान सरकार ने बिजली व्यवस्था सुधारने तथा इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को लेकर कुछ भी नहीं किया। सभी सेक्टर में इनकी स्थिति लगभग यही है। सच तो ये है कि सरकार ने विकास के किसी भी मानक में कोई उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज नहीं की।
इस अवसर पर आजसू परिवार में गिरिजा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक सह युवा नेता स्नेह नमन तथा टाटा वर्कर्स यूनियन नोवामुंडी डिवीजन के महासचिव जी. तुलास्यान रेड्डी का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए आजसू सुप्रीमो सुदेश महतो ने कहा कि शैक्षणिक और श्रमिक क्षेत्र से जुड़े जनों के समागम से पार्टी को बल मिलेगा।
उन्होंने कहा कि आजसू पार्टी आम-आवाम के हितों की रक्षा के लिए हमेशा से संघर्षरत रही है। कहा कि राज्य में विस्थापन की समस्या बड़ी है। दशकों से विस्थापित हक-हुकूक के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
इस अवसर पर आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण करते हए गिरिजा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक स्नेह नमन ने कहा कि आजसू पार्टी युवाओं की आवाज़ है। उन्होंने कहा कि आज राज्य में युवाओं की स्थिति बदतर है। अगर युवा अपनी आवाज उठाते हैं, तो उन पर लाठियां बरसाई जाती है। आंसू गैस के गोले दागे जाते हैं।
कहा कि आजसू पार्टी की नीतियों तथा पूर्व उपमुख्यमंत्री के शिक्षा, हरियाली और विकास के मंत्र से प्रभावित होकर उन्होंने पार्टी का दामन थामने का निर्णय लिया है।
आजसू पार्टी का दामन थामते हुए टाटा वर्कर्स यूनियन नोवामुंडी डिवीजन के महासचिव जी. टी. रेड्डी ने कहा कि आज राज्य में श्रमिकों की स्थिति बदतर है। मेहनतकश मजदूरों की आवाज को अनसुना कर दिया जा रहा है। उन्हें समय पर वेतन नहीं मिल रहा है।
इस अवसर पर रेड्डी के नेतृत्व में अनुसूचित जाति मोर्चा के अध्यक्ष सुधीर करवा, पूर्व प्रत्याशी जिला परिषद विनीता लोमगा, पूर्णिमा सामंता, सुमन तांती, अंजू गगड़ाई, आसमां खातून, नसीमा खातून, रानी खंडाईते, चंद्र मोहन केराई, हरिचरण केराई, विपीन तिरिया, सनातन मुडुईया, मंगल सिंह वोवोंगा, जुरिया वोवोंगा, एतवारी सांडील, रायमानी लागुरी, सुनीता लागुरी, आदि।
मेजो पिगुवा, तुलसी लागुरी, रायबारी सांडिल वहीं गिरिजा ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के निदेशक सह युवा नेता नमन के नेतृत्व में चंदन कुमार, राहुल, रितेश, विवेक, सुरेंद्र, ऋतिक, शशि, दिनेश कुमार, प्रभाकर पांडेय, त्रिपुरारी कुमार, अरविंद कुमार सिन्हा, मुकेश महतो, ओम वर्मा, साकेत कुमार, मृत्युंजय कुमार, नीलो देवी, अमित कुमार, ब्रजलाल महतो सहित सैंकड़ों नेता ने आजसू की सदस्यता ग्रहण किया।
मिलन समारोह में मुख्य रूप से आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव रोशन लाल चौधरी, केंद्रीय मुख्य प्रवक्ता डॉ. देवशरण भगत, केंद्रीय सचिव सुशील महतो, सिद्धार्थ महतो एवं लाडले खान, पश्चिमी सिंहभूम जिलाध्यक्ष रामलाल मुंडा, आदि।
रामगढ़ जिलाध्यक्ष दिलीप दांगी, केंद्रीय प्रशिक्षक दामू बानरा, केंद्रीय कार्यालय मीडिया प्रभारी परवाज खान, अखिल झारखंड छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष गौतम सिंह, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष नीतीश सिंह, उपाध्यक्ष अभिषेक शुक्ला सहित अन्य नेता एवं पदाधिकारी मौजूद थे।
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