एस. पी. सक्सेना/बोकारो। जल समस्या से ग्रसित ग्रामीणों के आक्रोश के बाद आख़िरकार बोकारो जिला प्रशासन की तंद्रा टूटी। जिला प्रशासन के निर्देश पर जिला खनन विभाग 2 अप्रैल को जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के खेतको पहुंचकर अवैध बालू परिवहन मार्ग को ट्रेंच काट कर वापस लौट गई।
एक ओर देखा जाए तो खनन विभाग की महज खानापूर्ति के अलावा यह कुछ नहीं रहा। कहने को तो विभागीय कार्रवाई की गई, लेकिन दूसरी ओर परिणाम सिफर रहा। बताया जाता है कि खनन विभाग की टीम 2 अप्रैल को पेटरवार प्रखंड के हद में खेतको पहुंचकर लगभग ढाई बजे दिन तक जेसीबी मशीन की मदद से दामोदर नदी तट के किनारे अवैध खनन मार्ग को ट्रेंच कटिंग कर उक्त मार्ग को बंद कर दिया। बावजूद इसके उक्त मार्ग के बगल से अवैध बालू लदे ट्रैक्टरों का आवाजाही अब भी बदस्तूर जारी है। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि खनन विभाग की यह कार्रवाई खानापूर्ति (आई वाश) के अलावा कुछ नहीं है।
खनन विभाग की कार्रवाई के बाद उक्त मार्ग पर उपस्थित दर्जनों ट्रैक्टर मालिकों ने बताया कि बालू ढुलाई को लेकर उनके द्वारा प्रतिमाह स्थानीय पुलिस प्रशासन की झोली भरी जाती है। इसके बाद भी इस तरह से उन्हें प्रताड़ित किया जाना अन्यायपूर्ण है। ट्रैक्टर मालिकों ने जोड़ देते हुए कहा कि यदि सरकार बालू घाट की बंदोबस्ती कर देती तो उन्हें इस प्रकार आए दिन की परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता और पुलिस के समक्ष गिरगिराने की नौबत नहीं आती।
ट्रेक्टर मालिकों ने आरोप लगाते हुए कहा कि खनन विभाग दोहरी नीति अपना रही है, इसके तहत एक तो खेतको स्थित उक्त मार्ग को बंद कर दिया गया, जबकि खेतको पुल मार्ग तथा गोमिया प्रखंड के हद में कथारा ओपी क्षेत्र के असनापानी तथा सीपीपी के समीप से बालू का उठाव जारी है।
ज्ञात हो कि बीते एक अप्रैल को आसनपानी के सैकड़ो ग्रामीण जल संकट से निजात पाने को लेकर नदी घाट पहुंचकर दर्जनों ट्रैक्टर की चाबी निकाल ली थी। इसी के आलोक में प्रशासन ने आज उक्त कार्रवाई की है।
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