दल-बदलू विधायक इस्तीफा दें और शेष तीन सीटों पर हो चुनाव-धीरेन्द्र
एस. पी. सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। भाकपा (माले) मिथिला कोशी जोनल टीम की बैठक समस्तीपुर जिला (Samastipur district) के हद में कल्याणपुर प्रखंड के बासुदेवपुर में बीते 20 अप्रैल की देर रात खत्म हुई।
बैठक (Meeting) की अध्यक्षता 5 सदस्यीय अध्यक्ष मंडली जिसमे भाकपा (माले) दरभंगा जिला सचिव बैद्यनाथ यादव, समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार, भाकपा (माले) राज्य कमिटी सदस्य अभिषेक कुमार, शनिचरी देवी तथा वरिष्ठ नेता आर के सहनी शामिल थे।
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो सदस्य सह जोनल प्रभारी धीरेन्द्र झा ने कहा कि आज भाजपा-आरएसएस देश व राज्य के लिए खतरा साबित हो रहा है। जगह-जगह लोकतंत्र की हत्या कर रही है। अमीरों पर बुलडोजर चलाने के बजाय गरीबो और अल्पसंख्यकों पर बुलडोजर चला रही है। देश को नफरत की आग में बताकर शिक्षा-रोजगार के मुद्दे से छात्र-नौजवानो को भटकाना चाहती है।
उन्होने कहा की भाजपा बिहार के अंदर लोकतंत्र को खत्म कर रही है। चुनाव के समय छोटे दलों से हाथ मिलाकर चुनाव लड़ती है। चुनाव जीतते ही उस दल को तोड़ने में लग जाती है। उन्होंने कहा कि हाल ही में भाजपा द्वारा दूसरे दल को खत्म करने की नीयत से उनके तीनो विधायक को अपने दल में शामिल करा लिया गया है।
जो कि वहां की जनता के साथ विश्वासघात है। झा ने साफ तौर पर कहा कि दल-बदलू विधायक इस्तीफा दे और शेष बचे तीन सीटों पर पुनः चुनाव हो। उन्होंने कहा कि इस अभियान को पूरे मिथिला कोशी ज़ोन में चलाया जाएगा।
झा ने कहा कि मिथिला कोशी क्षेत्र में दलित-गरीबो की बड़ी आबादी है। खेग्रामस ने तय किया है कि 5 लाख दलित-गरीब को खेत मजदूर सभा के संगठन से जोड़ा जाएगा। साथ ही साथ किसानो को संगठन से जोड़ने की योजना बनाया गया है।
इस अवसर पर भाकपा (माले) राज्य स्थायी समिति सदस्य बैद्यनाथ यादव ने कहा कि मिथिला कोशी जोन में उधोग का खजाना था, लेकिन भाजपा-जदयू के 16 वर्षों के शासन में सभी उधोग, कल कारखाने बन्द हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपा-जदयू मिथिला-कोशी में विकास करने के बजाय विनाश ही कर डाला।
समस्तीपुर जिला सचिव उमेश कुमार ने कहा कि उक्त बैठक में लोकसभा चुनाव की तैयारी और चिन्हित विधानसभा मे पार्टी संगठन को मजबूत बनाने का लक्ष्य लिया गया। साथ ही साथ लोकल, प्रखंड व् जिला सम्मेलन पर विस्तार से चर्चा किया गया।
मौके पर ऐपवा नेत्री बंदना सिंह सहित नेयाज अहमद, ललन कुमार, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, अशोक पासवान, राम चन्द्र दास, अरविंद कुमार शर्मा, जंगी यादव, ललन पासवान, प्रिंस राज, रंजीत राम, श्याम पंडित, भूषण सिंह, पप्पू पासवान, जीवछ पासवान, ललन पासवान, अकबर रजा सहित दर्जनों गणमान्य शामिल थे।
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