झारखंड अलग राज्य आंदोलन में 1973 ई० को सबसे पहला योगदान शहीद आंदोलनकारी स्व टेकलाल बाबू का भूमिका थी
धीरज शर्मा/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विष्णुगढ़ प्रखंड के हद में गाल्होवार पंचायत के पूर्व उप मुखिया लखन महतो ने सरकार से 1932 का खतियान लागू करने कि मांग की है।
उन्होंने कहा कि झारखंड अलग राज्य आंदोलन में 1973 ई० को सबसे पहला योगदान शहीद आंदोलनकारी स्व टेकलाल बाबू की महत्वपूर्ण भूमिका थी। गाल्होवार खरकी पंचायत में ही शहीद आंदोलनकारियों ने की थी पहला बैठक।
पूर्व उप मुखिया महतो ने कहा कि झारखंड राज्य (Jharkhand State) आंदोलन में विष्णुगढ़ प्रखंड के कई आंदोलनकारी शहीद हुए थे। इसलिए 1932 का खतियान का अधिकार झारखंडयों का है। सरकार 1932 का खतियान आधारित स्थानीय नियोजन नीति व उद्योग नीति झारखंड में जल्द से जल्द लागू करे।
उन्होंने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी शहीद निर्मल महतो, बिनोद बिहारी महतो, बिरसा मुण्डा, टेकलाल महतो के सपनों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा है। स्वर्गीय टेकलाल महतो आंदोलनकारी में से झारखंड के पहला नेता थे।
गाल्होवार खरकी पंचायत के सोहर महतो, मोहर महतो, साधु शनीचर महतो, केवल महतो, बोधी महतो, साईं नाथ महतो इत्यादि शहीद आंदोलनकारियों ने इसमें अपना योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि 15 नवंबर 2000 को पूर्ण रूप से झारखंड अलग राज्य मिला।
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