जिले के चार प्रखंडों में पिरामल फाउंडेशन देगा तकनीकी सहयोग
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला में अब कालजार उन्मूलन को लेकर की-इनफार्मर का क्षमतावर्धन किया जायेगा। इसके लिए जिले के सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
की-इनफार्मर में आशा कार्यकर्ता, ग्रामीण चिकित्सक, स्थानीय दवा दुकानदार, पूर्व मरीज और पंचायत प्रतिनिधि आदि शामिल हैं। ये सभी प्रमुख व्यक्ति हैं जो समुदाय स्तर पर कालाजार के लक्षणों की पहचान कर शुरुआती चरण में ही स्वास्थ्य विभाग को सूचना देते हैं। इन्हें सशक्त बनाने के लिए जिले के सभी प्रखंडों में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विभागीय स्तर पर बताया गया कि कालाजार उन्मूलन को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा कई महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। प्रशिक्षण को लेकर स्वास्थ्य विभाग द्वारा माइक्रो-प्लान तैयार किया गया है।
जिला वीबीडीसी डॉ दिलीप कुमार सिंह ने पत्र जारी कर सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि कालाजार मरीजों की जांच कर ससमय इलाज कराना जरूरी है। डॉ सिंह ने कहा कि भारत सरकार द्वारा प्राप्त कालाजार उन्मूलन को आगे भी उसी स्तर पर बनाएं रखने के लिए कालाजार के छिपे हुए मरीजों को जल्द से जल्द पहचान कर ससमय इलाज करवाना काफी महत्वपूर्ण है। जिससे संक्रमण को रोका जा सके। इसके लिए की-इनफार्मरों की उन्मुखीकरण काफी महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि कालाज़ार को जड़ से मिटाने के लिए जरूरी है कि हम उसके प्रत्येक संदिग्ध लक्षण की समय पर पहचान करें और प्रभावी उपचार को प्राथमिकता दें। इस पहल से समुदाय आधारित निगरानी प्रणाली को मजबूती मिलेगी। कहा कि स्थानीय स्तर पर सक्रिय की-इनफार्मर ग्रामीणों को बीमारी के प्रति जागरूक करेंगे और संभावित मामलों को तुरंत स्वास्थ्य केन्द्र तक पहुंचाने का काम करेंगे। इससे न केवल कालाजार के मामलों में कमी आएगी, बल्कि बीमारी के पुनः प्रकोप की संभावना भी न्यूनतम होगी। आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि वे बुखार या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देने पर लापरवाही न करें और तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। इसके साथ ही की-इनफार्मरों के कार्य में सहयोग प्रदान करें, ताकि सारण जिला कालाजार मुक्त बन सके।
जानकारी के अनुसार सारण जिले के चार प्रखंडों में की-इनफार्मर को प्रशिक्षित करने की जिम्मेदारी पिरामल फाउंडेशन को दी गयी है। जहां पिरामल के प्रतिनिधि तकनीक सहयोग कर की-इनफार्मर को प्रशिक्षित करेंगे। जिले के दरियापुर, एकमा, दिघवारा और छपरा सदर में 25-25 की-इनफार्मर को ट्रेनिंग दिया जायेगा।
बताया गया कि कालाजार एक गंभीर परजीवी रोग है, जो विशेष प्रकार की बालू मक्खी के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में लंबे समय तक बुखार, वजन में कमी, कमजोरी, तिल्ली और यकृत का बढ़ना शामिल हैं। समय पर इलाज न होने पर यह जानलेवा हो सकता है। हालांकि, अब इसका प्रभावी और सस्ता इलाज उपलब्ध है।
![]()













Leave a Reply