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बेरमो कोयलांचल के ढोरी, बीएंडके व् कथारा में श्रमिक संगठन की हड़ताल का दिखा असर

राष्ट्रव्यापी हड़ताल को सफल बनाने को ले सड़क पर उतरे बंद समर्थक

एन. के. सिंह/बोकारो। संयुक्त ट्रेड यूनियन मोर्चा द्वारा 9 जुलाई को देशव्यापी हड़ताल का बोकारो जिला के हद में बेरमो कोयलांचल क्षेत्र में व्यापक असर देखा गया। हालांकि कई जगहों पर कर्मचारियों की उपस्थिति देखी गयी। बावजूद इसके कोयला खदानों से ट्रांसपोर्टिंग नहीं हो सका।

जानकारी के अनुसार बेरमो कोयलांचल अंतर्गत सीसीएल के ढोरी, बीएंडके और कथारा क्षेत्र में कोयला खदानों में श्रमिक संगठनों की हड़ताल असरदार रहा। श्रमिक संगठन श्रम कानून में बदलाव, बढ़ते निजीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध कर रहे थे।

केंद्रीय और क्षेत्रीय ट्रेड यूनियनों से जुड़े कर्मचारी देशभर में हड़ताल कर रहे हैं। इससे बैंकिंग, डाक और अन्य सेवाएं बाधित हुई। वे नए श्रम संहिता को रद्द करने, निजीकरण के विरोध, न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये और पुरानी पेंशन योजना जैसी मांगों को लेकर हड़ताल पर रहे। श्रमिक संगठन श्रम कानून में बदलाव, बढ़ते निजीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में बिगड़ती आर्थिक स्थिति के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। हड़ताल के चलते कोयला खदानों में कामकाज प्रभावित हुआ। प्रथम पाली में ही हड़ताल का व्यापक असर दिखाई दिया। प्रदर्शनकारी कोलियरियों के मुहाने पर जमकर नारेबाजी कर रहे थे।

इस अवसर पर दूरभाष पर कथारा क्षेत्र के महाप्रबंधक संजय कुमार ने बताया कि प्रथम पाली में उनके क्षेत्र में कामगारों की उपस्थिति 80 प्रतिशत रही, जबकि उत्पादन लगभग 50 प्रतिशत संभव हो पाया है। जीएम के अनुसार उत्पादन के बावजूद हड़ताल के कारण कोयले का संप्रेशण प्रभावित रहा। ट्रांसपोर्टिंग ठप्प रहा है। बताया कि रेलवे द्वारा एक रैक भेज दिया गया, संभावना है कि उक्त रैक को द्वितीय पाली में लोड कर गंतव्य भेज दिया जायेगा।

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