विजय कुमार साव/गोमियां (बोकारो)। गोमियां प्रखंड (Gomian block) के हद में दर्जनों ग्रामीण एवं कस्वाई क्षेत्रों में प्राकृतिक का पावन पर्व कर्मा धूमधाम के साथ मनाया गया। इस अवसर पर चहुंओर लोक गीतों से माहौल गुंजायमान बना रहा।
करीब सभी छोटी बड़ी गांव में प्रकृति का पावन पर्व कर्मा बीते 17 सितंबर को मना धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर गोमियां के हुरलुंग, बड़की सीधाबारा, चिदरी, तिसकोपी, चिलगों, कढमा, तिसरी, पेजुआ, चुटे, कुरकनालो, तुईयों, गोमियां, खुदगढा, करमाटांड, बनचतरा, साड़म, होसिर आदि क्षेत्रों में कर्मा पर्व की धूम रही।
वहीं दूसरी ओर महुआटांड़ पंचायत के हद में करीब 50 से 60 जगहों में कर्मा का अखाड़ा लगा। इस अवसर पर निवर्तमान पंचायत समिति सदस्य फूलचंद केवट की पत्नी बुधनी देवी ने सभी अखाड़ों में जाकर युवतियों का उत्साह बढ़ाया और सभी को शुभकामनाएं दी।
भाई बहन के प्रतीक का इस त्यौहार में श्रद्धा और उल्लास के साथ लोकगीतों से पूरा माहौल गुंजायमान रहा। मौके पर यहां समाजसेवी मोतीलाल साव, किशोर महतो, पंचायत सचिव संतोष केवट, बीरबल महतो, ओबीसी मोर्चा अध्यक्ष रवि केवट, किशोर महतो, भुनेश्वर महतो, कमलेश महतो, सुरेश साव, उमेश साव, राहुल साव, वकील साव, संतोष साव आदि मौजूद रहे।
जानकारी के अनुसार इस पर्व को मनाने के लिए कर्म की डाली के आगे जावा रखकर युवतियां इस पूजा को करती है। कर्म व धर्म नामक दो भाइयों की कथा का श्रवण किया जाता है। यह पर्व कर्म और धर्म की संदेश भी देता है।
झूमर, ढोल और मांदर की थाप से अखाड़ा लगता है। झूमर से ढोल मांदर की थाप पर रात भर सभी झूमते गाते हैं एवं दूसरे दिन पूरे विधि विधान से नदी या तालाब में कर्म की डाली को प्रवाह किया जाता है।
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