प्रहरी संवाददाता/बगोदर (गिरिडीह)। भाजपा (BJP) पिछड़ा जाति मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष सह हजारीबाग जिला (Hazaribag district) रामनवमी महासमिति के पूर्व अध्यक्ष अमरदीप यादव ने 22 मार्च को सुबह बड़ा अखाड़ा मंदिर परिसर में संकल्प लिया। उन्होंने संकल्प लिया कि रामनवमी जुलूस की अनुमति मिलने के बाद ही वे जुता-चप्पल पहनेंगे।
हजारीबाग में रामनवमी का जुलूस निकालने पर पाबंदी के विरोधस्वरूप नंगे पांव रहने का संकल्प लेने के बाद महंत विजयानंद दास ने अमरदीप यादव को पगड़ी पहनाकर आशीर्वाद दिया। अमरदीप ने कहा कि राज्य सरकार कोरोना गाइडलाइंस का हवाला देकर ऐतिहासिक राममवमी और सरहुल जुलूस पर रोक जारी रखा है जो एक पक्षपातपूर्ण निर्णय है।
राज्य का सबसे बड़ा अस्पताल रिम्स समेत हज़ारीबाग़ कोरोना मुक्त हो चुका है। सभी पाबंदियां हटाई जा चुकी है। ऐसे में रामनवमी जुलूस पर रोक समझ से परे है। उन्होंने कहा कि सरकार के ढुलमुल रवैया के कारण जिला प्रशासन (District Administration) और अखाड़ेधारियों के बीच दूरी बन रही है। इसलिए लोकतांत्रिक विरोध किया गया है।
ज्ञात हो कि अमरदीप विजय शंखनाद संस्था के अध्यक्ष भी है। संस्था द्वारा 28 फरवरी को उपायुक्त के माध्यम से राज्य के राज्यपाल को ज्ञापन भी दिया गया। बीते एक मार्च से अखाड़ों में हस्ताक्षर अभियान चलाया जा रहा है।
वे वर्ष 2007 में महासमिति के अध्यक्ष चुने गए थे। धार्मिक गीतों का कैसेट वितरित करके अश्लील गीतों पर रोक लगाने समेत कई कुरीतियों को हटाकर बदलाव लाए थे।
इन्होंने 2009 में 7 दिनों में 100 किलोमीटर की शांति पदयात्रा निकालकर जुलूस का सफलतापूर्वक संपन्न कराने में अहम भूमिका निभाई थी। ये प्रत्येक वर्ष संरक्षक की भूमिका में सक्रिय रहते हैं। अमरदीप ने कहा कि रामनवमी प्रेमियों की इच्छा पूर्ति के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
258 total views, 1 views today