गंगोत्री प्रसाद सिंह/हाजीपुर (वैशाली)। वैशाली के जिलाधिकारी यशपाल मीणा द्वारा 27 अप्रैल को वैशाली प्रखंड कार्यालय पहुंचकर प्रखंड के सभी मुखिय, सरपंच एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया गया। इस दौरान उन्हीं से उनके पंचायत की समस्याओं की जानकारी ली गई तथा इसका निदान कैसे किया जाए इसके बारे में भी पूछा गया।
इस अवसर पर जिलाधिकारी मीणा ने जनप्रतिनिधियों से कहा कि खुलकर वार्ता करें। किसी भी तरह का संकोच नहीं बरतें। उन्होंने कहा कि विगत 13 अप्रैल को वैशाली जिला के हद में बिदुपुर प्रखंड में ऐसी बैठक की गई है।
बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने सरकार की सभी महत्वपूर्ण योजनाओं की संक्षिप्त जानकारी दी एवं कहा की जातीय गणना का दूसरा चरण चल रहा है, इसमें सभी मुखिया एवं जनप्रतिनिधि सहयोग करें। इस पर ध्यान देंगे कि कहीं कोई परिवार गणना में छूट नहीं जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि सरकार की महत्वाकांक्षी सात निश्चय फेज-2 अंतर्गत सोलर स्ट्रीट लाइट लगाया जा रहा है। वैशाली प्रखंड के सभी पंचायतों में 2 मई से यह कार्य प्रारंभ होगा। अगर कहीं कार्य प्रारंभ नहीं हुआ तो इसकी सूचना अवश्य दिया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि सात निश्चय की प्रथम फेज में नल जल अथवा गली-गली योजना में अगर कहीं कार्य नहीं हुआ है अथवा कोई बसावट छूट गया है, उसके बारे में बता दिया जाय। उन्होंने कहा कि सभी बसावट अथवा छोटे-छोटे टोलों को सम्पर्क पथ से जोड़ा जाना है। अगर कोई टोला या बसावट छूट गया है तो उसके जोड़ने के लिए संपर्क पथ का प्रस्ताव दे दिया जाए। इसके लिए भी जमीन की अधिग्रहण करनी होगी। उसे भी किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पीएम आवास योजना अथवा मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास योजना का लाभ अगर किसी जरूरतमंद परिवार को नहीं मिला है, ऐसे में लाभुक से आवेदन लेकर डीआरडीए को उपलब्ध करा दें, ताकि उनका भी नाम जुड़ जाय और जरूरतमंद को सहायता मिल जाए। इसी तरह अगर किसी को राशन कार्ड होनी चाहिए, उसे नहीं है तो उसका भी आवेदन अनुमंडल को भिजवा दिया जाए।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंचायत भवन के लिए जमीन चिन्हित का उसका प्रस्ताव प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी को दें, ताकि सरकार को इसका प्रस्ताव भेजा जा सके। उन्होंने कहा कि वैशाली जिला में 44 पंचायत भवन बनाये गए हैं, जबकि 80 पंचायत भवन का प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है।
जिलाधिकारी ने कहा कि आपके पंचायत में कोई पुराना मामला हो उसे संज्ञान में लाएं। यह मामला जातीय, धार्मिक अथवा अन्य किसी भी प्रकृति का हो सकता है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शनिवार को थानों पर बैठकर जमीनी विवाद को सुलझाने के लिए अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी प्रयास कर रहे हैं।
यहाँ भी रहिवासियों को भेजें।जिलाधिकारी ने कहा कि 160 राजस्व कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है। उनका पदस्थापन किया गया है। उन पर नजर रखें और उनके कार्यों का फीडबैक दिया करें। प्रखंड स्तरीय पदाधिकारियों का भी फीडबैक लिया गया एवं उनके कार्यों का निष्पादन और उनका व्यवहार एक सामान्य व्यक्ति के प्रति कैसा रहता है इसकी जानकारी प्राप्त की जाये।
जिलाधिकारी मीणा ने कहा कि मनरेगा, अमृत सरोवर, जल जीवन हरियाली मिशन, लाइब्रेरी, विद्यालयों की चहारदीवारी आदि से संबंधित जो भी योजनाएं लेनी है उसे लेकर पंचायतों में लागू कराया जाए तथा सरकार की योजनाओं से पंचायतों को सेचुरेट किया जाए। उन्होंने कहा कि स्थानीय राजनीति से ऊपर उठकर विकास को गति दें और जनहित के लिए कार्य करें।
उन्होंने कहा कि लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान के तहत शौचालय निर्माण की राशि का भुगतान अगर किसी लाभुक का नहीं हुआ है तो तुरंत भुगतान कराने का निर्देश दिया गया। अगर कहीं शौचालय नहीं बन पाया है तो उसे भी पूरा कराने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि 27 अप्रैल की सुबह 7:30 बजे एक दिव्यांग व्यक्ति ने फोन कर बताया कि उनका भुगतान अभी तक नहीं हो पाया है, जिस पर उप विकास आयुक्त को उन्होंने अवगत कराया और आज ही जांच कर 2 बजे तक उनका भुगतान कराया गया है।
सभी सरपंचों से ग्राम कचहरी के संचालन के विषय में जानकारी प्राप्त की गई और सभी पंचायत स्तरीय कर्मी एवं पंचायत के जनप्रतिनिधि को पंचायत भवन में बैठने का निर्देश दिया गया।
इस अवसर पर बैठक में जिलाधिकारी के साथ अपर समाहर्ता, उप विकास आयुक्त, सहायक समाहर्ता, प्रखंड प्रमुख शैलेन्द्र प्रसाद सिंह, प्रखंड के सभी पंचायतो के मुखिया, सरपंच, पंसस, पंचायत सेवक आदि उपस्थित थे।
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