अंतर्राज्यीय चेक पोस्टों पर प्रतिनियुक्त दंडाधिकारी व पदाधिकारियों को दिए निर्देश
*बिना ई-पास के कोई भी वाहन जिले में प्रवेश ना करें-उपायुक्त*
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। बोकारो जिला उपायुक्त राजेश सिंह (Bokaro district deputy commissioner Rajesh Singh) ने 19 मई को चंदनकियारी प्रखंड के हद में बोरियाडीह पंचायत के बोरियाडीह पहुंचकर बरमसीय हाई स्कूल में बनाए गए क्वारंटाइन सेंटर का उद्घाटन किया। साथ ही बोरियाडीह पंचायत भवन के समक्ष प्राथमिक विद्यालय में सीएचसी चंदनकियारी की जांच टीम द्वारा संचालित कोविड जांच शिविर का निरीक्षण कर चिकित्सकों व कर्मियों को आवश्यक दिशा निर्देश दिया। उपायुक्त सिंह ने उक्त पंचायत के मुखिया देवाशीष सिंह से बात कर पंचायत में कोरोना संक्रमण के अलावे अन्य समस्याओं की जानकारी लिया तथा समस्याओं के जल्द समाधान का दिया आश्वासन। साथ ही उपायुक्त ने बंगाल अंतर्राज्यीय चेक पोस्टों सहित कई जगहों का निरीक्षण किया।
उपायुक्त राजेश सिंह के द्वारा चंदनकियारी प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट के समीप मुर्गातल एवं वीरखाम का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान रजिस्टर पंजी को भी देखा तथा उपस्थित दंडाधिकारी व पुलिस पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा निर्देश भी दिया। उन्होंने उपस्थित दंडाधिकारी से कहा कि बिना ई-पास के कोई भी वाहन जिले में प्रवेश ना करें, इस बात का विशेष ध्यान रखे। वीरखाम अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट पर उपायुक्त ने रजिस्टर पंजी में दर्ज ज्यादा वाहनो के आवागमन को देखने के साथ प्रखंड विकास पदाधिकारी वेदवंती कुमारी को अंतर्राज्यीय चेक पोस्ट से गुजरने वाले लोगों को कोविड जांच कराने को कहा। उपायुक्त सिंह ने उपस्थित दंडाधिकारी से कहा कि ड्यूटी में किसी तरह का दिक्कत व परेशानी अगर हो रहा है तो मुझे बताए। दंडाधिकारी द्वारा बताया गया कि इस चेक पोस्ट पॉइंट पर लाइट की कमी है जो कि रात्रि में ड्यूटी के दौरान दिक्कत व परेशानी होती है। उपायुक्त ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को उक्त चेक पॉइन्ट पर लाइट की व्यवस्था तात्काल करने का निर्देश दिया।
इस अवसर पर उपायुक्त राजेश सिंह ने कहा कि अभी कोरोना का समय है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उचित स्वास्थ्य व्यवस्था दिलाना हमारा दायित्व बनता है। जिला प्रशासन स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इसका निर्वाहन भी कर रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है और लोग जागरुक भी हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामसभा एवं मुखिया के साथ मिलकर टास्क फोर्स का गठन किया गया है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करना तथा सरकार द्वारा एसओपी का पालन कराना है। उन्होंने कहा कि अभी तक संक्रमण ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं फैला है। इसके लिए जागरूकता के तहत हमारा प्रचार और ग्रामीणों की जागरूकता है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में नजर रखे हुए है। सभी स्वस्थ व्यवस्थाएं उसे दुरुस्त करने में लगी हुई है ताकि हर व्यक्ति जो यदि संक्रमित हो उसको उचित इलाज मिल सके। उन्होंने कहा कि ना तो हमारे पास ऑक्सीजन की कमी है और न हीं दवाई या किसी अन्य चीज की। लगातार ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना टेस्ट कराया जा रहा है एवं वैक्सीनेशन का काम भी लगातार जारी है। इस अवसर पर उपायुक्त सिंह उपस्थित मुखिया सहित आमजनों से भी मिले तथा जनसमस्याओं को सुना। कुछ ग्रामीणों द्वारा वृद्धा पेंशन और चापाकल खराब रहने की बात कही गई। उपायुक्त सिंह ने बहुत जल्द निराकरण करने की बात कही। पंचायत के मुखिया से उक्त पंचायत में जितने भी प्रवासी मजदूर आ रहे हैं। उनको मनरेगा के तहत काम देने का निर्देश दिया ताकि उनके परिवार में किसी तरह का कोई समस्या उत्पन्न नही हो। उन्होंने कोरोना संक्रमण के बढ़ते प्रभाव को लेकर ग्रामीणों को पैनिक न होकर सरकार द्वारा जारी कोरोना प्रोटोकॉल का अनुपालन करने को कहा। साथ ही उन्होंने कोरोना टेस्टिंग के प्रति फैलने वाले भ्रम, अफवाह एवं अन्य भ्रांतियों पर विश्वास न करने की बात कही। आगे कहा कि किसी भी ग्रामीणों को सर्दी, खासी, बुखार अथवा कोरोना के लक्षण दिखने पर अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में जाकर अपना कोविड जांच कराएं तथा खुद को सेल्फ आइसोलेट करें।
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के अलावा जिला सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक, अनुमंडल पदाधिकारी चास शशिप्रकाश सिंह, प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदनक्यारी वेदवंती कुमारी, अंचल निरीक्षक दिनेश मिश्रा, सीएचसी प्रभारी डॉक्टर श्रीनाथ समेत अन्य अधिकारी एवं ग्रामीण उपस्थित थे।
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