एस. पी. सक्सेना/बोकारो। बारिश या मानसून में बिजली कड़कना या वज्रपात आम बात है। इससे बचने के लिए स्वयं की सावधानी बहुत जरुरी है। आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा रहिवासियों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वर्ष प्रचार – प्रसार कराया जाता है।
सामान्यता बारिश के दौरान राहगीरों द्वारा पेड़ के नीचे छीपने, बिजली और मोबाइल टॉवर के नजदीक होने एवं पानी के करीब होने के कारण वे आकाशीय बिजली के चपेट में आ जाते हैं। उक्त बातें 2 अगस्त को बोकारो जिला उपायुक्त कुलदीप चौधरी ने अपने कार्यालय कक्ष में कही।
उपायुक्त चौधरी ने बोकारो जिलावासियों से अपील करते हुए कहा कि बारिश के समय व आसमान में आकाशीय बिजली कड़कने के समय घरों के अंदर ही रहें। ज्यादा जरूरी हो तभी घर से बाहर निकलें। उन्होंने कहा कि बाहर निकलते समय पूरी सावधानी बरतनी जरूरी है।
उपायुक्त के अनुसार फिलहाल रहिवासियों को चाहिए कि जब भी बादल गरजना शुरू हों, सुरक्षित स्थानों से बाहर न निकलें और अगर कहीं फंस भी जाएं, तो उन्हें चाहिए कि बड़े पेड़ों की बजाय मकानों के नीचे खड़े हो जाएं, क्योंकि बिजली अधिकतर ऊंचे स्थानों या लंबे – ऊंचे पेड़ों पर ही गिरती है।
उन्होंने बारिश के मौसम में वज्रपात से बचने के उपाय बताये जिसमें कहा गया कि बिजली गिरने के दौरान मजबूत छत वाला पक्का मकान सबसे सुरक्षित है। घरों में तड़ित चालक लगवाएं। बिजली से चलने वाले उपकरण को बंद कर दें।
उन्होंने कहा कि बारिश के दौरान यदि किसी वाहन पर सवार हैं तो तुरंत सुरक्षित जगह चले जाएं। टेलीफोन, बिजली के पोल के अलावा टेलीफोन और टीवी टावर से दूर रहें। किसी इकलौते पेड़ के नीचे नहीं जाएं। यदि जंगल मार्ग में हैं तो बौने अथवा कम ऊंची पेड़ और घने पेड़ों के नीचे जाएं।
जिले के किसान, मजदूरों से अपील करते हुए उपायुक्त ने कहा कि बारिश के दौरान गीले खेतों में हल चलाने या रोपनी करने वाले किसान और मजदूर सूखे स्थानों पर जाएं। नंगे पैर फर्श या जमीन पर कभी खड़े ना रहें। बादल गर्जन के दौरान मोबाइल और छतरी का प्रयोग न करें। घरों के दरवाजे व खिड़कियों पर पर्दे का इस्तेमाल अवश्य करें।
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