एस.पी.सक्सेना/समस्तीपुर (बिहार)। कृषि कानून के खिलाफ किसानों के संघर्ष को अनसुना करना। आकाश छूती महंगाई और निजीकरण से देश का हरेक तबका परेशान है।
इस परेशानी के खिलाफ संयुक्त विपक्ष का 27 सितंबर को भारत बंद है। इस बंद को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में भाकपा माले एवं उसके तमाम जन संगठन कोई कोर- कसर नहीं छोड़ेगी।
आइसा, इनौस, ऐपवा, खेग्रामस, मनरेगा मजदूर सभा, किसान महासभा, इंसाफ मंच, जसम, कर्मचारी महासंघ (गोप गुट), ऐक्टू, निर्माण मजदूर युनियन आदि 12 से अधिक संगठनों के संयुक्त बैठक को समस्तीपुर शहर के मालगोदाम चौक स्थित भाकपा माले जिला कार्यालय में बीते 4 सितंबर को देर शाम में संबोधित करते हुए माले पोलिट ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी कॉमरेड धीरेंद्र झा ने उक्त बातें कही।
उन्होंने कहा कि नये तीनों कृषि कानून के दुष्परिणाम देखने को मिल रहा है। जमाखोरी के कारण आवश्यक सामग्री की कीमत आकाश छू रही है। देशवासी पहली बार सरसों तेल दो सौ रूपये, रसोई गैस एक हजार रूपये प्रति सिलिंडर, डीजल 90 रूपये, पेट्रोल 107 रू० प्रति लीटर की उंची कीमत पर खरीद रहे हैं।
उन्होंने कहा कि 70 साल में अर्जित की गई राष्ट्रीय संपत्ति से लेकर धरोहर तक को केंद्र की मोदी सरकार द्वारा अपने लगुआ- बझुआ के हाथों औने- पौने दामों में बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि रेल, जहाज, लाल कीला, एचपीसीएल, कोल इंडिया, बैंक, पेट्रो कंपनी, एलआईसी, सेल, भेल आदि को बेचा जा रहा है।
इससे बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी की छंटनी हो रही है। नई बहाली के रास्ते बंद हो रहे हैं। कॉ झा ने कहा कि 44 लेबर कानून को हटाकर कारपोरेट घराने के लाभ के लिए 4 श्रम कोड लाकर मजदूरों के संघर्ष को रोकने की कोशिश की जा रही है।
छात्रों के सिलेबस से राजनीति विज्ञान से लेकर स्वतंत्रता सेनानियों के प्रेरणादायी अध्याय हटाया जा रहा है। छात्र, नौजवान, मजदूर, किसान, कर्मचारी, व्यवसाई आदि को चौतरफा परेशानी में डाल दिया गया है।
इसके खिलाफ किसान- मजदूर संगठन के आह्वान पर संयुक्त विपक्ष का 27 सितंबर को भारत बंद है। इस बंद को ऐतिहासिक बनाने के लिए गांव- टोला से लेकर शहर के नुक्कड़ तक बैठक, जन संवाद, महापंचायत, जुलूस, नुक्कड़ सभा, पदयात्रा के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक मोदी सरकार की जन विरोधी नीति को ले जाना है।
माले राज्य स्थाई समिति सदस्य बैजनाथ यादव ने कहा कि देश बेचू-आदमखोर सरकार को सत्ता से हटाकर ही देश को बचाया जा सकता है। इसके लिए भाकपा माले हर कुर्बानी देने को तैयार है।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में खेग्रामस जिला सचिव जीबछ पासवान ने बंद की तैयारी में आज से ही लग जाने का आह्वान करते हुए 24- 25 सितंबर को दिन भर टेम्पू- लाउडस्पीकर प्रचार, नुक्कड़ सभा करने, शाम में मालगोदाम चौक से बाजार में मशाल जुलूस निकालने एवं 27 सितंबर को मालगोदाम चौक से 8 बजे सुबह से विशाल बंदी जुलूस निकालने के निर्णय को अक्षरसः लागू करने की अपील उपस्थित नेताओं- कार्यकर्ताओं से की।
इस अवसर पर आइसा के लोकेश कुमार, सुनील कुमार, इनौस के आशिफ होदा, राम कुमार, कृष्ण कुमार, अनील चौधरी, ऐपवा के बंदना सिंह, प्रमिला राय, जसम के अरविंद आनंद, निर्माण मजदूर युनियन के अशोक राय, किसान महासभा के महावीर पोद्दार, कर्मचारी महासंघ गोप गुट के अजय कुमार,
मनरेगा मजदूर सभा के उपेंद्र राय, इंसाफ मंच के डॉ खुर्शीद खैर, खालीद अनवर, भाकपा माले राज्य स्थाई समिति सदस्य बैजनाथ यादव, जिला सचिव प्रो. उमेश कुमार, जिला स्थाई समिति सदस्य सुरेन्द्र प्रसाद सिंह आदि ने बैठक में अपने- अपने विचार व्यक्त किये।
यहां जल जमाव के खिलाफ फसल क्षति मुआवजे की मांग को लेकर 13 सितंबर को मालगोदाम चौक से जुलूस निकालकर जिलाधिकारी के समक्ष प्रदर्शन कार्यक्रम को बड़ी भागीदारी से सफल बनाने की अपील जिलेवासियों से की गई।
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