स्थानीय रहिवासियों ने काटा बबाल, पुलिस कर रही कैंप
प्रहरी संवाददाता/समस्तीपुर (बिहार)। समस्तीपुर जिला के हद में बंगरा थाना क्षेत्र के सरसौना चौर स्थित ड्यूरा टेक सिमेंट फैक्ट्री में 2 अक्टूबर को दोपहर एक चालक का शव हाईवा के पहिये के निचे से बरामद किया गया। घटना के बाद मृतक के आश्रित को मुआवजा देने की मांग को लेकर स्थानीय रहिवासियों ने जमकर बबाल काटा। घटना के बाद घटनास्थल पर पुलिस कैंप किए है। समाचार प्रेषण तक शव की शिनाख्त नहीं हो पाया है।
जानकारी के अनुसार सीमेंट फैक्ट्री में मौत की खबर सुनते ही घटना स्थल की ओर बड़ी संख्या में रहिवासी जाने लगे। ड्यूटी पर तैनात गार्ड ने रोकने की कोशिश की, लेकिन सभी जबरदस्ती अंदर घूसकर मृतक को देखने पहुंच गये। इस दौरान घटना को कवर करने जा रहे पत्रकारों को भी रोक दिया गया।
मौके पर तैनात बंगरा पुलिस ने बताया कि हाईबा क्रमांक-BR06 PF/9741 का चालक सिमेंट मेटेरियल लदे हाईवा को बैक करा रहा था। इस दौरान शव पर हाइवा का पिछला चक्का चढ़ गया। घटना के बाद अनहोनी रोकने को कई थानों की पुलिस बुलाया गया।
बंगरा पुलिस ने मृतक की पहचान मुजफ्फरपुर जिला के हद में मनियारी थाना क्षेत्र के मो. अब्दूल हक के बेटे मो. यूनिस बताया। घंटों इंतजार के बाद जब मो. यूनिस के परिजन घटना स्थल पर पहुंचकर शव को देखा तो परिजनों ने मो. यूनिस का शव होने से इनकार कर दिया। परिजन ने बताया कि मो. यूनिस 65-70 साल के हैं, जबकि मृतक 30-35 साल का है। इससे पुलिस की परेशानी बढ़ गई।
इधर आक्रोशित रहिवासियों को समझाते स्थानीय मुखिया मनोज राय देखे गये। उन्होंने कहा की हाईवा बैक कराने में पिछला चक्का से मौत होता। उन्होंने कहा कि शव बीच वाले चक्का से कुचला पड़ा है। यह हाईबा से कुचलकर मौत नहीं बल्कि हत्या है। घटना को मोड़ देने के लिए शव को यहां प्लांट किया गया है।
इस बीच पुलिस ने शव उठाने की कोशिश की जिसे स्थानीय रहिवासियों ने परिजन के आने तक शव उठाने से रोक दिया। सरसौना के ही एक व्यक्ति ने कहा कि दो ड्राईवर के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया और इसी में ड्राईवर की हत्या कर दी गई। घटना को लेकर जितनी मुंह उतनी बातें हो रही है।
इस संबंध में भाकपा माले ताजपुर प्रखंड सचिव सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने घटना को संदिग्ध बताते हुए उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। उन्होंने स्थानीय रहिवासियों के हवाले से कहा है कि फैक्ट्री में इससे पहले भी कई घटना हुई है, जिसे फैक्ट्री संचालक द्वारा रफा दफा कर दिया गया है। माले नेता ने मृतक के परिजनों को 10 लाख रूपये मुआवजा देने, फैक्ट्री संचालक की मनमानी पर रोक लगाने अन्यथा आंदोलन चलाने की घोषणा की है।
इधर खबर भेजे जाने तक घटना स्थल पर शव पड़ा है। शव की शिनाख्त नहीं हो पाई है। स्थानीय रहिवासी परिजन के आने पर शव उठाने की बात पर अड़े है। मौके पर कई थानों की पुलिस कैम्प कर रही है।
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