Advertisement

खतरे की घंटी है घाटकोपर के रिहाईशी चाल में अवैध लोखंड फैक्ट्री

दहशत में बनवारी चाल के नागरिक, कार्रवाई की मांग तेज़

विशेष संवाददाता/मुंबई। घाटकोपर (पूर्व) मनपा ‘एन’ वार्ड के प्रभाग क्रमांक 129 स्थित पारसी वाड़ी के गणेश मैदान के पास, अंबिका बुक डिपो के सामने बनवारी चाल में अवैध रूप से एक लोखंड फैक्ट्री चलाए जाने से स्थानीय निवासियों को खतरा बढ़ गया है। बता दें कि यह क्षेत्र पूरी तरह रिहायशी है, जहां मध्यम और निम्न वर्ग के परिवार रहते हैं। इसी रिहायशी क्षेत्र में बिना किसी वैध लाइसेंस, फायर ब्रिगेड की एनओसी और म्युनिसिपल परमिशन के एक अवैध लोखंड फैक्ट्री का संचालन किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि फैक्ट्री संचालक राकेश अग्निहोत्री नामक व्यक्ति है, जिसका व्यवहार दबंगई भरा है और विरोध करने पर स्थानीय लोगों को धमकाता है।

स्थानीय समाजसेवक नागेश खरटमोल ने मुख्यमंत्री, मनपा आयुक्त और पुलिस आयुक्त को पत्र लिखकर इस फैक्ट्री को तत्काल बंद करने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन इस अवैध गतिविधि पर रोक नहीं लगाता, तो वे मुंबई उच्च न्यायालय में जनहित याचिका दायर करेंगे। नागेश खरटमोल ने कहा है कि फैक्ट्री में घरेलू एलपीजी सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग हो रहा है, जो गैस विस्फोट का बड़ा कारण बन सकता है। बिजली के अधिक लोड के कारण पूर्व में कई बार शॉर्ट सर्किट हो चुके हैं, जिसमें आसपास की चालों में रहने वाले नागरिक घायल हो चुके हैं।

इतना ही नहीं कारखाने में काम करने वाले मज़दूरों के पास कोई सुरक्षा उपकरण नहीं है, जिससे किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। इस फैक्ट्री में अवैध रूप से एक ‘हाफ-महला’ भी बना है, जो पूरी तरह जर्जर स्थिति में है और कभी भी गिरकर जानलेवा दुर्घटना का कारण बन सकता है।

कलेक्टर लैंड पर संचालित फैक्ट्री पूरी तरह गैरकानूनी है। नियमों के अनुसार इस जमीन पर कोई व्यावसायिक निर्माण या गतिविधि नहीं की जा सकती। बावजूद इसके बनवारी चाल में रहने वाले कई नागरिकों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि हमने कई बार विरोध किया, लेकिन फैक्ट्री मालिक हमें धमकाता है। नागरिकों का कहना है कि कुछ महीने पहले, इसी इलाके में हुए एक शॉर्ट सर्किट की घटना में एक 10 वर्षीय बच्चा बुरी तरह झुलस गया था। दिन-रात मशीनों की आवाज, धुएं और गर्मी से जीना दूभर हो गया है।

Tegs: #The-danger-bell-is-the-illegal-lokhand-factory-in-the-rehai-trick-of-ghatkopar

Loading

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *