धीरज शर्मा/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। विद्या की अधिष्ठात्री देवी माँ सरस्वती की पूजा को लेकर जगह जगह मूर्तियों का निर्माण शुरु हो गया है। आगामी 26 जनवरी को ही विद्या की देवी माँ सरस्वती की पूजा की जायेगी।
यह सौभाग्य की बात है कि इस बार सरस्वती पूजा के दिन ही गणतंत्र दिवस भी बड़े धूम-धाम से मनाया जायेगा। वसंत पंचमी के दिन पूजा पंडालों में व शैक्षणिक संस्थानों में माँ शारदे की मूर्ति स्थापित कर पूजा की जाती है। पूजा के दौरान मिट्टी से बनी माँ शारदे की मूर्तियों को पंडालों में वैदिक विधान से स्थापित की जाती है।
सरस्वती पूजा के दौरान मूर्तियों की मांग को देखते हुए कलाकारों द्वारा एक महीना पहले से ही मूर्तियो का निर्माण शुरु कर दिया गया है। हजारीबाग जिला के हद में बिष्णुगढ़ प्रखंड के कई जगहों पर मूर्तियों का निर्माण किया जा रहा हैं। मूर्तिकारों ने कहा कि इस बार बहुत पहले से ही मूर्तियों का ऑर्डर मिल रहा है।
जिसे पुरा करने के लिए उनका पुरा परिवार लगा हुआ है। कलाकारों ने कहा कि मूर्तियों के निर्माण में मौसम की बैरुखी व मूर्ति निर्माण में प्रयुक्त होने वाली मिट्टी, पेंट सहित अन्य सामानों की बढ़ती कीमत बहुत आगे आ रही है। कई अन्य मूर्तिकारों ने बताया कि सिर्फ किसी पूजा पाठ या त्योहारों के अवसर पर ही उनके द्वारा बनाये गये मिट्टी के बर्तन व मूर्तियों की मांग होती है।
अन्य दिनों में उन्हे गुजारे के लिए कई तरह के रोजगार या मजदूरी करना पड़ता है। मूर्तिकारों की माने तो अब लोग कला के कद्रदान नहीं रह गए है। जिससे उनके पारम्परिक पेशे को बचाए रखने में मुस्किले आ रही है।
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