प्रहरी संवाददाता/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में सोनपुर नगर पंचायत क्षेत्र स्थित जिला परिषद की सरकारी भूमि का जमकर वारा- न्यारा किया गया है। पिछले सात – आठ दशकों से सरकारी जमीनों के घोटाले का यहां कारोबार फल -फुल रहा है।
जानकारी के अनुसार सरकारी भूमि को कोई और बेंच दे और उसकी जमाबंदी भी कर दी गई, कहीं से कोई आवाज भी नहीं उठी। जिससे पता चलता है कि हमाम में सभी नंगे हैं। इसलिए उनकी चुप्पी इतने बड़े घोटाले के बाद भी आज तक बनी हुई हैं। सच कहिए तो ऐसा नजारा और अन्यत्र कहीं नहीं दिखता।
इस घोटाले की गहराई से जांच हो तो तत्कालीन सरकारी भूमि के जमाबंदीदार, राजस्व कर्मी सहित बड़े अधिकारियों पर भी आंच आ सकती है। इनमें अधिकांश के जीवित रहने की संभावना न के बराबर है। इस संबंध में सोनपुर अंचल प्रशासन ने हाल ही में एक सर्वे रिपोर्ट सारण के अपर समाहर्ता को सौंपी है, जिसमें सिर्फ सोनपुर आदम मौजे में ही जिला परिषद की भूमि पर 199 घर, दुकान आदि बना लिए गए हैं। सोनपुर अंचल के राजस्व कर्मचारी द्वारा अपर समाहर्ता को समर्पित प्रतिवेदन में ऐसी भूमि में आज पटेल नगर, पहलवान नगर, शिक्षक कॉलोनी आदि बसा हुआ बताया गया है।
चर्चा यह भी है कि सोनपुर थाना से सोनपुर ब्लॉक के बीच सड़क के उत्तरी किनारे भारत सरकार की केसरे हिंद घुड़दौड़, केसरे हिंद रेलवे घुड़दौड़ की जमीनों पर भी बड़े – बड़े मकान बन चुके हैं। कहा जा रहा है कि सोनपुर मेला से घुड़दौड़ मैदान लुप्त होने का कारण यही है कि इसके रखवालों ने ही घुड़दौड़ मैदान को बेच दी थी।
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