शरीर पर लोहे का हुक फंसाकर 50 फीट ऊपर खूंटे पर झुले भोक्ता
रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। बोकारो जिला के हद में कसमार प्रखंड के कुलागुजु, मधुकरपुर, दुर्गापुर, मंजूरा, बगदा, अजैया एवं सिंहपुर के सुप्रसिद्ध मंडप थान मे 14 अप्रैल को बुढा़ बाबा के जयकारे से वातावरण गूंजता रहा। तीन दिवसीय भोक्ता पर्व चड़क पूजा धूमधाम के साथ समापन हो गया।
जानकारी के अनुसार 14 अप्रैल की सुबह सैकड़ों भोक्तियाओ ने बुढा बाबा के प्रति श्रद्धा दिखाते हुए दहकते अंगारों पर चलकर उसके बाद अपने शरीर के पीठ पर छेद कर भक्तिया ने लगभग 50 फीट ऊपर भोक्ता खूंटे मे लोहे के हुक के सहारे घूमने की विधि पूरी की। सिंहपुर बुढ़ा बाबा मंडप थान में उपवास रख भक्तो ने स्थानीय तालाब मे स्नान किया। इसके बाद बुढ़ा बाबा की पूजा अर्चना की। कहीं भक्त ध्यान लगाकर बुढ़ा बाबा भजीनाथ भै कर रहे थे, तो कहीं श्रद्धालू बुढ़ा बाबा की पूजा अर्चना मे लीन दिख रहे थे।

सिंहपुर के बुढ़ा बाबा मढप थान मे पूजा अर्चना के लिए झारखंड, बंगाल व बिहार के अलावे कई अन्य राज्यों व जिलो से हजारों की संख्या मे श्रद्धालु पहुंचे थे। बीते 13 अप्रैल की अर्ध रात्रि लगभग 12 बजे से ही भीड़ व पूजा अर्चना के लिए श्रद्धालू कतार बद्ध खड़े थे। श्रद्धालुओं ने दूध व जल से बुढ़ा बाबा पर जलाभिषेक किया। साथ ही बेल पत्र सहित मिष्ठान्न से पूजा की। इस दौरान सिंहपुर कर बुढा बाबा भै के नारो से गुंजायमान हो गया। किसानो का पर्व भोक्त पर्व (चड़क पूजा) झारखंड में ही नही, बल्कि कई राज्यों के आंशिक इलाको मे मनाया जाता है।
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