एस. पी. सक्सेना/बोकारो। ठठेरा समाज द्वारा 3 अगस्त की देर शाम दिवंगत सीसीएल कर्मी स्वर्गीय कृष्णा ठठेरा की तीसरी पुण्यतिथि मनाई गई। पुण्यतिथि में बड़ी संख्या में महिला पुरुष उपस्थित होकर स्वर्गीय ठठेरा को श्रद्धांजलि दी।
बेरमो विधायक कुमार जयमंगल उर्फ अनूप सिंह के विधायक मद से बोकारो जिला के हद में बेरमो प्रखंड के जारंगडीह 16 नंबर के समीप बनाऐ नए समुदायिक भवन परिसर में आयोजित पुण्यतिथि के अवसर पर जारंगडीह कोलियरी के प्रभारी परियोजना पदाधिकारी सह खान प्रबंधक बाल गोविंद नायक बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित थे।
इस अवसर पर प्रभारी पीओ नायक ने कहा कि सौ में विरले ही ऐसे होते हैं जिन्हे पूरा समाज याद करता है। इसी में से एक कृष्णा ठठेरा भी थे। वे स्वयं को इस पुण्यतिथि में शामिल होकर गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जो जन्म लिया है, उसकी एक ना एक दिन मृत्यु निश्चित है। असमय मौत किसी के लिए भी काफी दुखदाई होता है, चाहे वह राजा हो अथवा रंक।
नायक ने कहा कि अधिकारी कोई भी हो जो जैसा कर्म करता है उसे इसी धरती पर भुगतना पड़ता है।उन्होंने ठठेरा समाज द्वारा सामुदायिक भवन की सुरक्षा को लेकर चाहरदीवारी बनाने तथा शौचालय निर्माण की मांग के संबंध में कहा कि पंचायत के मुखिया तथा प्रबुद्ध जनों द्वारा लिखित आवेदन के बाद वे क्षेत्र के महाप्रबंधक से इस कार्य को पूर्ण करने का आग्रह करेंगे।
स्वर्गीय कृष्णा के ज्येष्ठ भाई राजकिशन ने कहा कि उनके अनुज सदैव समाज हित के लिए सोचते थे। उन्होंने एक अच्छा फुटबॉलर के रूप में कोल इंडिया स्तर पर पहचान बनाया था। साथ ही हॉकी के भी माहिर खिलाड़ी थे। उन्होंने कहा कि उनका भाई सीसीएल के स्कूल बस में खलासी के तौर पर कार्य करते हुए स्कूली बच्चों को लाने ले जाने में स्वयं को सौभाग्यशाली समझता था। उनकी असमय मृत्यु से पूरा परिवार मर्माहत है।
इस अवसर पर मधु सोनार, बसंत ओझा, मनोज सोनार, बबलू, ठठेरा समाज के अध्यक्ष श्याम सिंह आदि ने भी स्वर्गीय ठठेरा के जीवन चरित्र पर विस्तृत प्रकाश डाला। पुण्यतिथि कार्यक्रम की अध्यक्षता श्याम सिंह तथा संचालन व धन्यवाद ज्ञापन बासु सोनार ने किया।
मौके पर ठठेरा समाज के सचिव मनोज सोनार, कोषाध्यक्ष मधु सोनार, उपाध्यक्ष रंजीत ठठेरा, गोपाल ठठेरा, रौनक, कार्तिक, अनीश, ऋषभ, देव कुमार, राधाकृष्ण, स्वर्गीय ठठेरा की माता दया देवी, उनकी धर्मपत्नी बसंती देवी, पुत्री नेहा कुमारी, पुत्र रौनक के अलावा शांति देव, सुभाषिनी देवी, कुंती देवी, जानकी देवी सहित सौ से अधिक ठठेरा समाज के महिला-पुरुष मौजूद थे।
इस अवसर पर तमाम अतिथियों द्वारा स्वर्गीय कृष्णा ठठेरा के चित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई, जबकि मोहन सोनार तथा भरत सुनार ने अतिथियों का स्वागत किया।
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