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सत्संग विहार बड़ाजामदा में श्रद्धा व् भक्ति के साथ मनाया गया ठाकुर अनुकूल चंद्र जन्मोत्सव

महायज्ञ इस्टवृत्ति नियमित देने से जीवन में संतुलन व् कल्याण का वास-मानस मिश्रा

प्रभु लीला का दर्शन अनंत जन्मों का फल होता है-ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर

सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। पश्चिमी सिंहभूम जिला के हद में बड़ाजामदा स्थित सत्संग विहार में श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र का 138 वां जन्मोत्सव श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ 18 जनवरी को मनाया गया।

इस अवसर पर सत्संगियों के नेतृत्व में भव्य सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें गुवा, नोवामुंडी, बड़ाजामदा, टाटानगर, चाईबासा, बोलानी (ओडीशा) सहित आसपास के क्षेत्रों से 1500 से अधिक श्रद्धालु एकजुट हुए। पूरे सत्संग विहार परिसर में जय गुरु श्रीश्री ठाकुर अनुकूल चंद्र, श्रीश्री बडमाँ, श्रीश्री बडदा एवं श्रीश्री आचार्य देव के जयघोष से वातावरण भक्तिमय हो गया।

कार्यक्रम के प्रमुख सहयोगी एवं मुख्य वक्ता मानस मिश्रा ने कहा कि हम सभी सत्संगी ठाकुर अनुकूल चंद्र का जन्मोत्सव मना रहे हैं। उन्होंने इस्ट वृत्ति को महायज्ञ बताते हुए कहा कि नियमित रूप से इस्ट वृत्ति देने से जीवन में संतुलन और कल्याण का वास होता है। उन्होंने सत्संग को विशाल शोध बताते हुए सभी को इससे जुड़ने की अपील की तथा पड़ोसी के सुख-दु:ख में सहभागी बनने पर जोर दिया।

बड़ाजामदा के वक्ता ऋत्विक अमरनाथ ठाकुर ने कहा कि प्रभु लीला का दर्शन अनंत जन्मों का फल होता है। उन्होंने ठाकुर अनुकूल चंद्रजी के विचारों के अनुरूप पारिवारिक जीवन, वंश वृद्धि और मानव जीवन के उद्देश्य पर प्रकाश डाला। मुख्य अतिथि नोवामुंडी इंटर कॉलेज के प्राचार्य मोनोजीत विश्वास ने बेहतर सेवा, त्वरित सहयोग और जनकल्याण के लिए ठाकुरजी द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने के लिए श्रद्धालुओं को प्रेरित किया।

कार्यक्रम के दौरान दीक्षा, भजन-कीर्तन, धर्म सभा, मातृ सम्मेलन एवं प्रसाद रूपी भंडारे का आयोजन किया गया। संगीत मंडली के नेतृत्व में श्रद्धालु नाचते-गाते भक्ति में लीन नजर आए। इस मौके पर बोलानी, बड़बिल, चाईबासा, टाटानगर सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में सत्संगी उपस्थित थे।

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