लालू-राबड़ी परिवार में घमासान, तेज व् तेजस्वी में टक्कर
एस.पी.सक्सेना/पटना (बिहार)। राष्ट्रीय जनता दल (Rashtriy Janata Dal) में इन दिनों सबकुछ ठीक ठाक नहीं चल रहा है। राजद के बिहार प्रदेश अध्यक्ष जगतानंद सिंह के एक निर्णय ने लालू राबड़ी परिवार के बड़े पुत्र तेज प्रताप को लाल पीला कर दिया है।
इधर लालू के कनिष्ट पुत्र तेजस्वी के इस मामले में प्रदेश अध्यक्ष का पक्ष लिये जाने के बाद दोनों भाईयों (तेज प्रताप एवं तेजस्वी) में आमने-सामने का टक्कर दिखने लगा है।
जानकारी के अनुसार राजद में छिड़े घमासान के बीच 20 अगस्त को तेजस्वी यादव से दो टूक बात करने गये तेजप्रताप यादव को भारी बेइज्जती का सामना करना पड़ा। तेजस्वी ने तेजप्रताप से बात करने से साफ मना कर दिया।
लालू-राबड़ी आवास में तेजस्वी से मिलने गये तेज प्रताप बैरंग वापस लौट गए। बाहर निकलने के बाद मीडिया के सामने तेज प्रताप तेजस्वी के सलाहकार संजय यादव पर भड़क गये। तेज प्रताप ने कहा कि संजय यादव दोनों भाईयों को लड़वाने में लगे हैं।
तेजप्रताप यादव ने एलान किया था कि वे तेजस्वी से मिलकर राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह को हटाने की मांग करेंगे। इस मसले पर बात करने 20 अगस्त की दोपहर वे लालू-राबड़ी आवास पहुंचे थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार तेजस्वी से जैसे ही मुलाकात हुई, तेज प्रताप आक्रामक रूप से बात करने लगे।
उनके तेवर ऐसे थे मानो विवाद बढ सकता था। इस बीच संजय यादव वहां पहुंचे औऱ तेजस्वी को हट जाने को कहा। संजय यादव तेजस्वी को वहां से हटा कर ले गये। प्रत्यक्षदर्शीयों के अनुसार तेजप्रताप पार्टी के सीनियर नेताओं के बारे में काफी आपत्तिजनक बातें कह रहे थे।
इसके बाद तेज प्रताप जब लालू-राबड़ी आवास से बाहर निकले तो संजय यादव पर बरस पड़े। उन्होंने कहा कि संजय यादव दोनों भाइयों में विवाद करा रहे हैं। तेजप्रताप के मुताबिक वे जगदानंद सिंह के मामले में तेजस्वी से बात कर रहे थे।
अभी बात शुरू ही हुई थी कि संजय यादव वहां पहुंच गये और तेजस्वी को जबरन वहां से लेकर चले गये। तेजप्रताप ने कहा कि संजय यादव कौन होता है दोनों भाईयों के बीच में पड़ने वाला। तेजप्रताप ने कहा कि वे संजय यादव की पोल खोल कर रखेंगे।
उधर तेजस्वी के करीबियों का कहना है कि वे अब तेजप्रताप को बर्दाश्त नहीं करेंगे। तेजप्रताप के कारण पूरी पार्टी की इमेज खराब हो रही है। तेजप्रताप पहले रघुवंश प्रसाद सिंह के बारे में आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के खिलाफ लगातार आपत्तिजनक बातें कह रहे हैं।
बीते दिनों उन्होंने राजद के वरिष्ठ नेता शिवानंद तिवारी के बारे में भी अपशब्द कहा। तेजस्वी को लग रहा है कि राजद की जो इमेज वे बनाने में लगे हैं, तेजप्रताप उसे मटियामेट कर दे रहे हैं। इससे पहले भी तेजस्वी तेजप्रताप को इग्नोर कर रहे थे। अब उन्हें लग रहा है कि पानी सिर से उपर हो गया है।
लिहाजा फाइनल कार्रवाई की जा रही है। तेजस्वी के निर्देश पर ही छात्र राजद को तेज प्रताप के अधिकार से अलग कर दिया गया है। पिछले पांच-छह सालों से तेज प्रताप छात्र राजद का काम देख रहे थे। उन्होंने अपने खास आकाश यादव को छात्र राजद का अध्यक्ष बना रखा था।
दो दिन पूर्व राजद के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने कहा कि आकाश यादव नाम का कोई व्यक्ति छात्र राजद का प्रदेश अध्यक्ष है ही नहीं। उन्होंने छात्र राजद का अध्यक्ष गगन कुमार को बनाने का एलान किया।
छात्र राजद का काम छीने जाने के बाद तेज प्रताप की हैसियत पार्टी के एक सामान्य विधायक की रह गयी है। इसके बाद तेजप्रताप बौखलाहट में हैं। ऐसे में देखना है कि दोनों भाईयों की धिकम कशी में उंट किस करवट बैठता है।
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