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किशोरों के संपूर्ण विकास हेतु शिक्षकों को मिला व्यावहारिक प्रशिक्षण

जीजीपीएस बोकारो में दो दिवसीय सीबीएसई सीबीपी प्रशिक्षण कार्यक्रम संपन्न

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। सीबीएसई द्वारा आयोजित दो दिवसीय सीबीपी (कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम) का आयोजन 13 एवं 14 मई को भाई नंदलाल ऑडिटोरियम, गुरु गोबिंद सिंह पब्लिक स्कूल, सेक्टर 5 बी बोकारो में किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय एडोलेसेंट एजुकेशन प्रोग्राम (एईपी) था, जिसमें किशोरों की आवश्यकताओं, चुनौतियों एवं उनके समाधान हेतु शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया।

इस अवसर पर विद्यालय के प्राचार्य सौमेन चक्रवर्ती, वरिष्ठ इकाई के उप-प्रधानाचार्य सी.पी. सिंह, एसटीएनसी आनंद प्रकाश, माध्यमिक इकाई की उप-प्रधानाचार्या सुमन नांगिया, कार्यप्रभारी आलोक कुमार झा तथा प्राथमिक इकाई की प्रभारी देवेंयती एवं कुमारी सुधा उपस्थित रहीं।

प्रशिक्षण के मुख्य बिंदु

प्रशिक्षण सत्र की शुरुआत बीते 13 मई को चर्चित बिंदुओं के प्रशिक्षण की पुनरावृत्ति से की गयी, जिसमें लिंग और लैंगिक विविधता, पोषण, स्वास्थ्य संबंध, व्यक्तिगत स्वच्छता, यौन स्वास्थ्य, इंटरनेट की लत तथा नशीली दवाओं की आदत जैसे गंभीर विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।

संसाधन व्यक्तियों यथा स्वाति प्रियंका एवं आशीष कुमार ने सहभागिता आधारित प्रशिक्षण पद्धति द्वारा शिक्षकों को जीवनोपयोगी विषयों को समझने और विद्यार्थियों तक प्रभावशाली तरीके से पहुंचाने की विधियां सिखाईं। मौके पर प्रधानाचार्य चक्रवर्ती ने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल शिक्षकों की जानकारी बढ़ाने वाला है, बल्कि यह उन्हें भावी पीढ़ी को सही मार्गदर्शन देने के लिए भी तैयार करता है।

उन्होंने कहा कि किशोरों की समस्याएं जितनी संवेदनशील होती हैं, उतना ही सजग व संतुलित दृष्टिकोण एक शिक्षक में होना चाहिए। यह कार्यक्रम हमें उसी दिशा में सक्षम बनाता है। कार्यक्रम के अंत में प्रधानाचार्य ने दोनों संसाधन व्यक्तियों को मोमेंटो व उपहार भेंट कर सम्मानित किया एवं उनके योगदान की सराहना की।

प्रबंधन समिति के अध्यक्ष तरसेम सिंह ने अपने संदेश में कहा कि यह प्रशिक्षण शिक्षकों को किशोरों के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास को दिशा देने के लिए और अधिक सक्षम बनाएगा। सचिव एस.पी. सिंह ने भी अपने संदेश में शिक्षकों को प्रेरित किया। कहा कि इस प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को कक्षा-कक्ष में व्यवहार में लाएँ, ताकि विद्यार्थियों को सकारात्मक जीवन शैली की ओर मार्गदर्शन मिल सकें।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान एवं सभी प्रतिभागियों व संसाधन व्यक्तियों के साथ ग्रुप फोटोग्राफी के साथ किया गया। यह प्रशिक्षण शिक्षकों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा, जिसमें उन्होंने किशोर शिक्षा के महत्वपूर्ण पहलुओं को समझा और अब वे इसका प्रभावी क्रियान्वयन कक्षा-कक्ष में करने को तत्पर हैं।

 

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