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शिक्षकों ने सम्मान की खातिर काला बिल्ला लगाकर किया मूल्यांकन

शिक्षकों ने सरकार से पीजीटी-टीजीटी संवर्ग पुनर्बहाली का किया अनुरोध

रंजन वर्मा/कसमार (बोकारो)। झारखण्ड +2 शिक्षक संघ के तत्वावधान में बोकारो जिले के सरकारी विद्यालयों के पीजीटी शिक्षकों, इंटर कॉलेज के प्राध्यापकों एवं अन्य शिक्षकों ने 15 अप्रैल को जिले के दोनों इंटरमीडिएट मूल्यांकन केंद्रों पर अनुशासन का पालन करते हुए सरकार द्वारा हाल में टीजीटी – पीजीटी संवर्ग के पदों को मरणशील घोषित करने के फैसले से असहमति प्रकट करते हुए काला बिल्ला लगाकर मूल्यांकन कार्य किया।

इस दौरान शिक्षकों ने छात्र एवं समाज हित में सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया। ज्ञात हो कि, सरकार ने हाल ही में कैबिनेट में निर्णय लेते हुए पीजीटी – टीजीटी संवर्ग को मरणशील घोषित करते हुए उसके स्थान पर निम्न वेतनमान में माध्यमिक आचार्य का संवर्ग सृजित किया है। इस प्रकार +2 विद्यालयों में पढ़ाने के लिए नियुक्त होने वाले पीजीटी शिक्षकों के स्थान पर सिर्फ माध्यमिक आचार्य पद का सृजन कर उनसे ही पीजीटी एवं टीजीटी शिक्षक की भूमिका निर्वहन करने की उम्मीद करना हास्यास्पद निर्णय लगता है।

सरकार को कम से कम माध्यमिक आचार्य की भांति उच्चतर माध्यमिक आचार्य का पद भी सृजित करना चाहिए, ताकि झारखंड के बच्चों के हित में शिक्षा व्यवस्था सुचारू रूप से संचालित होती रहे। केवल उच्च विद्यालय के माध्यमिक आचार्य के सहारे इंटरमीडिएट स्तर तक की शिक्षा व्यवस्था का संचालन असंभव है, क्योंकि देश के किसी भी बोर्ड में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है।

सरकार को इन्हीं बातों से अवगत कराने हेतु झारखंड +2 शिक्षक संघ द्वारा चलाए गए राज्यव्यापी आंदोलन के तहत बोकारो जिले के दोनों इंटरमीडिएट मूल्यांकन केंद्रों, यथा बोकारो जिला के हद में पेटरवार प्रखंड के राजकीय +2 उच्च विद्यालय लकड़ाखंदा एवं परियोजना बालिका विद्यालय चास में मूल्यांकन कार्य में लगे शिक्षकों एवं अन्य संबंधित व्यक्तियों ने काला बिल्ला लगाकर मूल्यांकन किया एवं सरकार से अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया।

सैकड़ों की संख्या में शिक्षकों ने आंदोलन में हिस्सा लेते हुए सरकार से अपेक्षा की कि उच्च शिक्षा की सीढ़ी कही जाने वाली उच्च माध्यमिक शिक्षा के भविष्य को बर्बाद होने से रोका जाए।

इस अवसर पर +2 शिक्षा को बेहतर करने के उद्देश्य से समाज हित में आवाज बुलंद करने वालों में मुख्य रूप से पंकज सिंह, अवनीश झा, अजय पाठक, कौशल मुखर्जी, इर्वि रानी, शशिकांत पांडेय, दीपा पंकज लाटा, राजदेव साहू, शक्ति पद महतो, संतोष महतो, संतोष सिंह, गौरव दूबे, दिनेश मिश्र, सत्येन्द्र कुमार, कपिल देव ठाकुर, रेखा कुमारी, कुमारी सविता, श्वेता उपाध्याय, धनंजय कुमार, फारुक अंसारी, सुरैया तरन्नुम, योगिता कुमारी, श्रुति ताह, सुजाता कुमारी, चंद्रभूषण पांडेय, मनीषा कुसुम, अनिल कुमार, गुड्डी ठाकुर, फरहा नाज़, मंजू कुमारी, योगिता कुमारी, अंबिका कुमारी, विजय सिंह, ब्रिजेश त्रिपाठी, सुनील सुमन, बेलालुद्दीन अंसारी, नीतू यादव, नमिता कुमारी समेत बड़ी संख्या में सरकारी विद्यालयों के पीजीटी एवं इंटरमीडिएट कॉलेजों के शिक्षकगण शामिल थे।

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