डीएवी एनआईटी में कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के तहत सेमिनार में जुटे 185 शिक्षक
डीएवी शिक्षकों को वर्तमान परिवेश से जोड़ शिक्षा के विकास के लिए प्रतिबद्ध-रेखा
सिद्धार्थ पांडेय/चाईबासा (पश्चिम सिंहभूम)। शिक्षा का अलख जगाने के ध्येय से डीएवी सेंटर ऑफ एकेडमिक एक्सीलेंस नई दिल्ली के तत्वाधान में तीन दिवसीय कैपेसिटी विल्डिंग प्रोग्राम का शुभारंभ 3 जनवरी को पूर्वी सिंहभूम जिला मुख्यालय जमशेदपुर स्थित एनआईटी आदित्यपुर के सभागार में किया गया।
कैपेसिटी विल्डिंग प्रोग्राम के तहत झारखंड जोन एल जमशेदपुर संभाग के विभिन्न छह स्कूलों में डीएवी गुवा, डीएवी चिड़िया, डीएवी झींकपानी, डीएवी बहरागोड़ा, डीएवी नोवामुंडी एवं एनआईटी आदित्यपुर (जमशेदपुर) के 185 शिक्षक शामिल थे।
आयोजित तीन दिवसीय कैपेसिटी विल्डिंग प्रोग्राम को लेकर उपस्थित शिक्षक- शिक्षिकाओं को संबोधित करते हुए झारखंड जोन एल जमशेदपुर संभाग के क्षेत्रीय सहायक अधिकारी रेखा कुमारी ने कहा कि डीएवी संस्था नई दिल्ली मुख्यालय के उत्कृष्ट प्रबंधन व्यवस्था के कारण सभी शिक्षक एवं विभिन्न स्कूलों के प्राचार्य एकजुट हो अपने अनुभव को कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम के माध्यम से एक दूसरे में आदान-प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को प्रभावशाली शिक्षा देने तथा उन्हें उनके अध्यापन की अच्छी विधि होनी चाहिए। उन्होंने शिक्षकों को अपने विद्यालय को सबसे बेहतर व उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान शिक्षा एवं बच्चों को शिक्षण आधार पर बनाने के लिए प्रेरित की।
एआरओ रेखा कुमारी ने शिक्षकों के सेमिनार के उद्घाटन समारोह में कहा कि डीएवी सीएई के तमाम शिक्षक आधुनिक व वर्तमान परिवेश से जोड़कर शिक्षा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। कहा कि शिक्षा के माध्यम से वर्तमान परिवेश को बदला जा सकता है। आज के बच्चों में ज्ञान का स्तर पूर्व के बच्चों सें कहीं ज्यादा एवं शिक्षण किसी चुनौती से कम नहीं है। शिक्षक कर्तव्यों एवं शिक्षा की जबाबदेही के आधार पर शिक्षा के विकास की ओर अग्रसर हैं।
बढ़ते हुए शिक्षा के रूपांतरण के आधार पर प्रशिक्षकों का शिक्षा स्तर वृहद होना चाहिए। उनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। कहा कि आज शिक्षाप्रद आधार गुगल के समय में शिक्षकों की बेहतर, प्रायोगिक एवं प्रभावशाली चुनौती सें कम नहीं है। शिक्षकों की विद्यार्थियों में शिक्षा को रुपांतरित एवं उन्हें समझाने की कला में निपुण होना जरूरी है।
उन्होने शिक्षकों को समृद्धशाली शिक्षा स्तर बनाकर अपने शिक्षण व्यवसाय ज्ञान के आधार प्रखरता लाने के लिए मार्गदर्शित की। उल्लेखनीय है कि 3 जनवरी को इसकी शुभारंभ की गई। तीन दिनों की कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम में विभिन्न विषयों के शिक्षकों को अलग अलग कक्षाओं में वर्गीकृत कर उन्हें एक्सपर्ट मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रशिक्षण दिया गया। यह काफी लाभदायक व् शिक्षाप्रद रहा।
उक्त प्रोग्राम की मॉनिटरिंग स्कूलों के प्राचार्यों में डीएवी चिड़िया के डॉ शिवनारायण सिंह, डीएवी बहरागोड़ा के मुकेश कुमार, डीएवी झींकपानी के विवेकानंद घोष, डीएवी गुवा की माधवी पांडेय, डीएवी नोवामुंडी के प्रशांत कुमार भुईया ने शिक्षा प्रेमी झारखंड जोन एल के एआरओ के साथ कार्यशाला की अगुआई करते देखे गए। कार्यक्रम की सफलता एवं संचालन में डीएवी एनआईटी आदित्यपुर के शिक्षकों का अग्रणी योगदान रहा।

मौके पर प्रशिक्षण देने वाले शिक्षकों में कौशिक चटर्जी, अशोक कुमार खुण्टिआ, देवब्रत चक्रवर्ती, अभय कुमार सिन्हा, सुधा रानी एवं जे. रामा का अग्रणी योगदान रहा। इस अवसर पर शिक्षकों मे श्रुति शर्मा, संदीप पात्रा, राकेश कुमार मिश्रा, समीर कुमार प्रधान, श्रवण कुमार पांडेय, जय मंगल साव, पुष्पांजलि नायक, अनिरुद्ध दत्ता, संगीता झा, प्रीति कुमारी, पिंकी कुमारी, अंजन सेन, रंजना प्रसाद, प्रिया कुमारी गुप्ता, योगेश कुमार महतो, उत्कर्ष शर्मा, विवेकानंद कुंडू, इन्द्रजीत गांधी, सुष्मिता महतो, संजीव शुक्ला, कौशिक चटर्जी, अशोक कुंटिया, पम्मी कुमारी, देवब्रत चक्रवर्ती, पंकज रोहतगी, प्रीति कुमारी, राँबिन अधिकारी, संतोष कुमार, ललित महतो, मौमिता मजुमदार, अशिष झा, नित्यानन्द भगत, स्वाति सिंह, संदीप चक्रवर्ती व अन्य थे।
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