राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन को ले टीबी कॉमरेडिटी समन्वय समिति की बैठक

प्रेगनेंसी में टीवी रोग होने की संभावना अधिक रहती है- सिविल सर्जन
एस.पी.सक्सेना/बोकारो। राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत 29 जनवरी को जिला टीबी कॉमरेडिटी समन्वय समिति की बैठक उप विकास आयुक्त (Deputy Development Commissioner) जय किशोर प्रसाद की अध्यक्षता में आयोजित किया गया। बैठक में उप विकास आयुक्त प्रसाद ने टीवी कार्यक्रम को एचआईवी, एनसीडी, एनटीसीपी, एमसीएच आदि स्वास्थ्य कार्यक्रम से समन्वय स्थापित कर क्रॉस रेफरल करने का निर्देश दिया। साथ ही जिले के मनोचिकित्सक को आरबीएसके एवं आरकेएसके कमिटी में सदस्य के रूप में नामित करने को कहा गया।
मौके पर उपस्थित जिला सिविल सर्जन डॉ अशोक कुमार पाठक ने बताया कि एचआईवी, डायबिटीज, तंबाकू इस्तेमाल करने वाले, मालनूट्रिशन तथा प्रेगनेंसी में टीवी रोग होने की संभावना काफी अधिक रहती है। इसलिए टीवी के लक्षण वाले व्यक्तियों को यथाशीघ्र टीवी की जांच सीबीएनएएटी से करा ली जाए ताकि टीवी रोग होने पर उनकी दवा यथाशीघ्र शुरू की जा सके। जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ ए.के. झा के द्वारा सभी सदस्यों एवं स्वास्थ्य कर्मियों का स्वागत करते हुए टीवी कार्यक्रम के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि प्रधानमंत्री द्वारा वर्ष 2025 तक टीवी उन्मूलन का लक्ष्य दिया गया है।
बैठक में उपाधीक्षक सदर अस्पताल डॉक्टर रेनू भारती, आईएमए प्रेसिडेंट डॉक्टर मीता सिन्हा, डीआरसीएचओ डॉक्टर ए के तिर्की, चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजश्री रानी, डॉक्टर कुसुम लता, डॉ प्रशांत मिश्रा, मनोचिकित्सक हेमंत कुमार झा, डीपीसी नितिन कुमार सिंह, डीपीपीएमसी रासबिहारी ठाकुर, डीपीएस आरती मिश्रा, मोहम्मद असलम, कुमारी नीरा, जिला परामर्शी मोहम्मद सज्जाद आलम फिजियोथैरेपिस्ट तथा अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित थे।

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