क्यू-मित्र है तत्काल टिकट व्यवस्था में डिजिटल भरोसे की नई कहानी
अवध किशोर शर्मा/सारण (बिहार)। सारण जिला के हद में स्थित सोनपुर रेल मंडल ने तत्काल टिकट व्यवस्था में एक ऐतिहासिक अभिनव डिजिटल पहल क्यू-मित्र को सफलतापूर्वक लागू किया है। यह पहल केवल एक तकनीकी समाधान नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही कतार, अव्यवस्था और असंतोष की समस्याओं का स्थायी, पारदर्शी और मानवीय समाधान है।
बताया जाता है कि इससे यात्री सुविधा, निष्पक्षता और पारदर्शिता भारतीय रेल के मूल सिद्धांतों को साकार करने में सफलता मिली है। कहा जा रहा है कि समस्या से समाधान तक यह एक परिवर्तनकारी यात्रा है। बताया जाता है कि क्यू-मित्र के लागू होने से तत्काल टिकट के दौरान मैनुअल कतार प्रबंधन में धांधली, प्राथमिकता को लेकर विवाद, भीड़भाड़ और पहले आओ-पहले पाओ सिद्धांत के उल्लंघन जैसी शिकायतों पर विराम लगेगा, क्योंकि इन समस्याओं के समाधान के लिए सोनपुर रेल मंडल ने मानव-रहित, छेड़छाड़-रोधी और पूरी तरह स्वचालित प्रणाली क्यू-मित्र को अपनाया, जो निष्पक्षता का भरोसा और पारदर्शिता की गारंटी देता है।
बताया गया है कि क्यू-मित्र एक स्व-सेवा, कियोस्क-आधारित डिजिटल कतार प्रबंधन प्रणाली है, जिसमें यात्री स्वयं टोकन उत्पन्न करते हैं एवं इसमें किसी कर्मचारी की भूमिका नहीं होती है। आधार आधारित सत्यापन और चेहरे की पहचान से अद्वितीय पहचान सुनिश्चित होती है और पेपर टोकन पर यात्री का फोटो, आधार के अंतिम चार अंक, टोकन संख्या और समय स्पष्ट रूप से अंकित होता है।
सोनपुर रेल मंडल के हद में खगड़िया के रमेश कुमार ने 22 जनवरी को बताया कि क्यू-मित्र से समय की बचत होती है और टिकट सही व निष्पक्ष तरीके से मिलता है। कहा कि पहले उन्हें घंटों लंबी लंबी कतारों में लाइन लगना पड़ता था और टिकट भी प्राप्त नहीं हो पाती थी। रमेश ने इस ऐप को एक्सीलेंट रेटिंग देते हुए सबको यह ऐप उपयोग करने का अनुरोध किया है।
बरौनी की सीमा कुमारी के अनुसार यह प्रणाली महिलाओं के लिए विशेष रूप से लाभकारी है। कहा कि इससे लंबी कतारों और धक्का-मुक्की से मुक्ति मिली है। महिलाओं के लिए घंटों खड़ा रहना काफी पीड़ा दायक होता था। साथ ही उन्होंने ऐप की तारीफ करते हुए कहा कि यह इतना सरल और आसान है कि कोई भी मोबाइल उपभोक्ता आसानी से इसे ऑपरेट (चला) कर सकता है। इन्होंने भी उक्त ऐप को रेटिंग करते हुए 5 आउट ऑफ 5 रेटिंग दिया है।
बेगूसराय के राम कुमार ने सरल और उपयोगकर्ता-अनुकूल बताते हुए इस ऐप को 5 आउट ऑफ 5 स्टार की रेटिंग दी और इस पहल की तारीफ की। उन्होंने इस ऐप की तारीफ करते हुए कहा कि इसे पूर्व मध्य रेल के सभी स्टेशनों पर लागू करना चाहिए, जिससे ज्यादा से ज्यादा यात्रियों को टिकट प्राप्त हो सके।
बेगूसराय के ही 50वर्षिया मीना देवी ने क्यू -मित्र ऐप को अत्यंत उपयोगी बताते हुए कहा कि यह प्रणाली हर वर्ग और हर उम्र के यात्रियों के लिए समान रूप से लाभकारी है। उनके अनुसार इस ऐप के माध्यम से कोई भी यात्री, चाहे वह युवा हो या वरिष्ठ नागरिक, बिना किसी लंबी कतार, धक्का-मुक्की अथवा धांधली के आसानी से टोकन प्राप्त कर सकता है और तत्काल टिकट प्रक्रिया को सरलता व सम्मान के साथ पूरा कर सकता है। उन्होंने कहा कि क्यू-मित्र ने तत्काल टिकट व्यवस्था को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और तनाव-मुक्त बना दिया है, जिसके लिए वे रेलवे की इस अभिनव पहल की सराहना करती हैं।
उल्लेखनीय है कि क्यू-मित्र तत्काल टिकट ऐप पिछले 13 दिनों से निरंतर, सुचारु एवं अत्यंत सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है। इस अवधि के दौरान सैकड़ों यात्रियों ने इस प्रणाली का लाभ उठाया है और तत्काल टिकट प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुव्यवस्थित तथा तनाव-मुक्त अनुभव किया है।
यात्रियों ने क्यू-मित्र को अग्रिम, पारदर्शी, मशीन-आधारित एवं पूर्णतः स्वचालित व्यवस्था बताते हुए इसकी खुले तौर पर सराहना की है। यात्रियों का कहना है कि यह प्रणाली मानव हस्तक्षेप से मुक्त होने के कारण कतार में किसी भी प्रकार की धांधली या पक्षपात की संभावना को समाप्त करती है। सभी को समान अवसर प्रदान करती है।
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