प्रहरी संवाददाता/विष्णुगढ़ (हजारीबाग)। हजारीबाग जिला (Hazaribag district) के हद में विष्णुगढ़ करोंज मोड़ स्थित तैलिक धर्मशाला में 23 अप्रैल को तैलिक समाज द्वारा दानवीर भामाशाह की जयंती मनाई गई। कार्यक्रम (Program का शुभारंभ भामाशाह के प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलित कर किया गया।
इस अवसर पर उपस्थित तैलिक समाज के अध्यक्ष पूरन साहू ने आयोजित जयंती समारोह को संबोधित करते हुए भामाशाह को दानवीर पुरुष बताते हुए कहा कि वह धन्य देश की माटी है जिसमें भामा साह जैसे लाल पला। उस दानवीर की यश गाथा को मेट सका क्या काल भला। उन्होंने कहाँ कि भामाशाह अपनी दानवीरता के कारण इतिहास में अमर हो गए।
भामाशाह के सहयोग ने ही महाराणा प्रताप को जहाँ संघर्ष की दिशा दी, वहीं मेवाड़ को भी आत्मसम्मान दिया। साहू ने कहा कि जब महाराणा प्रताप अपने परिवार के साथ जंगलों में भटक रहे थे, तब भामाशाह ने अपनी और अपने पूर्वजों की सारी जमा पूंजी महाराणा प्रताप को समर्पित कर दी।
इस सहयोग से महाराणा प्रताप में नया उत्साह उत्पन्न हुआ और उन्होंने पुन: सैन्य शक्ति संगठित कर मुगल शासकों को पराजित कर और फिर से मेवाड़ का राज्य प्राप्त किया। वे एक महान दानवीर एवं त्यागी पुरुष थे। आत्मसम्मान और त्याग की भावना उनके स्वदेश धर्म और संस्कृति की रक्षा करने वाले देश-भक्त के रूप में उन्हे शिखर पर स्थापित कर दिया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गुरुप्रसाद साव ने भामाशाह को नमन करते हुए कहा कि वे एक महान दानवीर व्यक्ति तथा अपने देश के लिए सब कुछ न्योछावर करने वाले एक सच्चे देश भक्त थे। इसलिए हम सभी को उनके आदर्श विचारों को ग्रहण करते हुए उनके पदचिन्हों पर चलने का संकल्प लेना चाहिए। साथ हीं अपने देश को आगे ले जाने के लिए हम सभी को तन, मन, धन से हमेशा प्रयासरत रहना चाहिए।
मौके पर उपरोक्त के अलावा मिश्रीलाल साव, केदार साव, चमारी साव, रंजीत साव, राजू साव, अशोक कुमार साहू, महावीर साव, विजय साव, प्रेम साव, सीताराम साव, नंदलाल साव, भोला साव, सुरेश साव, दुलारचंद साव, चिंतामन साव, विवेक कुमार आदि गणमान्य उपस्थित थे।
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