प्रहरी संवाददाता/सोनपुर (सारण)। अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त सुप्रसिद्ध तबला वादक पंडित मिथिलेश कुमार झा ने बीते 9 जनवरी की संध्या एक भेंट में कहा कि तबला एक ऐसा साज है जिससे आज पूरी दुनिया परिचित है।
उन्होंने कहा कि जब यहां के कलाकार विदेशों में तबला के संग कार्यक्रम प्रस्तुत करने जाते हैं तो अब विदेशी लोग इसे देख आश्चर्यचकित नही होते, बल्कि यह कहते हैं इंडियन ड्रम।
पं झा सारण जिला के हद में सोनपुर के गोला बाजार स्थित महाविद्यालय में आयोजित महाविद्यालय संस्थापक की जयंती के अवसर पर आयोजित रंगारंग सांस्कृतिक संध्या कार्यक्रम के दौरान उपस्थित दर्शकों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने भारत के अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त तबला वादकों पंडित अनोखे लाल, पंडित किशन जी महाराज सहित अनेकों नामी-गिरामी तबला वादकों का नाम लेते हुए कहा कि इन सभी ने देश और विदेश में तबला वादन से भारत का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया। इन सभी ने दुनिया को तबला साज से अवगत कराया।उन्होंने कहा कि आज तबला का स्वतंत्र अस्तित्व है।
लखनऊ से भले तबला आया पर बनारस के तबले में मंदिर का घण्टा और गंगा का बहाव है जो लखनऊ के तबले में नही है।उन्होंने कहा कि बनारस के तबले में जो सबसे अलग स्वतंत्र अस्तित्व झलकता है, उसका कारण यही है कि हमारे पूर्वजों ने इस पर बहुत शोध किया।
लखनऊ से बनारस के तबले की साज और आवाज कैसी है उसे उन्होंने तबले पर दिखाया जो अन्यत्र और कहीं देखने को नही मिलता। इस मौके पर कॉलेज प्रबंध समिति के सचिव तृप्तिनाथ सिंह भी मौजूद थे।
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